जिले में शिक्षा व्यवस्थाओं पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। मासूम नौनिहालों के आंगनबाडियों में समस्याओं का अंबार है, जिसपर जिम्मेदारों की नजरे नहीं है। जनप्रतिनिधि खामोश है।
अं चौकी विकासखंड के तीरपेमेटा आंगनबाड़ी की समस्या दिखाने के बाद हम ग्राम डोंगरगांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-2 की ओर ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। जहां इन दिनों मासूम बच्चों को बदहाली का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में भवन की छत से लगातार पानी का रिसाव हो रहा है। पानी बच्चों के बैठने और पढ़ाई करने वाले स्थान के साथ-साथ रसोईघर तक पहुंच रहा है। ऐसे में नन्हे बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और सुरक्षित वातावरण को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे थे।
वहीं, आंगनबाड़ी केंद्र की एक ओर की बाउंड्रीवाल करीब एक वर्ष से गिरी हुई है, जबकि दूसरी ओर की बाउंड्रीवाल में भी जगह-जगह दरारें पड़ चुकी हैं। जर्जर और क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवाल के कारण बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। ऐसे हालात में बच्चों के भविष्य और सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठ रहे थे। बरहाल बच्चों को शिफ्ट किया गया है।
एक साल से पंचायत के सामने रखी जा रही समस्या
आंगनबाड़ी सहायिका धनई बाई के अनुसार, भवन की छत और बाउंड्रीवाल की समस्या को लेकर पिछले करीब एक वर्ष से ग्रामसभा में लगातार सरपंच और सचिव के समक्ष समस्या रखी जा रही है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
जिम्मेदार अधिकारी ने त्वरित की कार्यवाही
मामले की गंभीरता को देखते हुए लिया त्वरित फैसला, महिला बाल विकास जिला कार्यक्रम अधिकारी समीर सौरभ ने कहा कि आपके माध्यम से जानकारी मिलने के बाद तत्काल सुरक्षागत दृष्टि से तत्काल बच्चों को अन्य सुरक्षित बिल्डिंग में स्थानांतरित किया गया है। जिले भर से जर्जर बिल्डिंगों और बाउंड्रीवाल की सूची बनाई जा रही है। आगे कार्य करवाया जाएगा।
जिम्मेदारों से कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और पंचायत प्रशासन से आंगनबाड़ी भवन की छत की तत्काल मरम्मत कराने, पानी के रिसाव को रोकने तथा गिरी और जर्जर बाउंड्रीवाल का जल्द निर्माण कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि आंगनबाड़ी में छोटे बच्चे प्रतिदिन पहुंचते थे। ऐसे में मीडिया के माध्यम से भवन की खराब स्थिति और क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवाल की जानकारी संबंधित विभाग तक पहुंचने से तत्काल बच्चों को अन्य जगह सुरक्षित स्थान में शिफ्ट किया जाना जिम्मेदार अधिकारी के नियत को दिखाता है।
अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी कब तक आंगनबाड़ी केंद्र की मरम्मत का कार्य करवाते हैं।
0 टिप्पणियाँ