जिला मोहला मानपुर अं चौकी के ग्राम पंचायत मुरारगोटा के आश्रित ग्राम गुबियागढ़ के पारा हेलकट्टा एवं पोयापारा में मूलभूत सुविधाओं की कमी और पंचायत निधि के उपयोग को लेकर ग्रामीणों की शिकायत अब जांच के घेरे में आ गई है। ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उज्जवल पोरवाल ने मामले की निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच दल गठित कर दिया है। जांच दल को मौके पर पहुंचकर शिकायत के सभी बिंदुओं की जांच करने और 5 कार्यालयीन दिवस के भीतर स्पष्ट अभिमत सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
10 साल के विकास कार्यों और खर्च का हिसाब खंगालने की मांग
ग्रामीणों ने 25 अगस्त 2026 को जिला पंचायत CEO को दिए आवेदन में आरोप लगाया कि पिछले करीब 10 वर्षों में दो पंचवर्षीय कार्यकाल बीत जाने के बावजूद आश्रित पारा में अपेक्षित मूलभूत सुविधाओं का विकास नहीं हो सका है।
ग्रामीणों ने पंचायत में पिछले 10 वर्षों के दौरान कराए गए विकास कार्यों, निर्माण कार्यों तथा विभिन्न मदों से प्राप्त राशि के उपयोग की जांच की मांग की है। शिकायत में 15वें वित्त आयोग, मनरेगा, मूलभूत राशि, स्वच्छ भारत मिशन सहित अन्य मदों से पंचायत को मिली राशि के उपयोग की भी जांच की मांग उठाई गई है।
बारिश में टूट जाता है संपर्क, पुल-पुलिया की मांग
ग्रामीणों के अनुसार हेलकट्टा से पोयापारा जाने वाले मुख्य मार्ग पर नाला होने के बावजूद वहां आवश्यक पुल-पुलिया नहीं है। बारिश के दिनों में पानी बढ़ने पर दोनों पारा के बीच संपर्क प्रभावित होने की बात ग्रामीणों ने कही है।
ग्रामीणों का कहना है कि इससे स्कूली बच्चों, मरीजों और आम लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने जल्द पुल-पुलिया निर्माण की मांग की है।
सीसी रोड और नाली नहीं होने से परेशानी
ग्रामीणों ने दोनों पारा में सीसी रोड और नाली निर्माण की भी मांग की है। शिकायत के मुताबिक बरसात के दौरान कच्चे रास्ते खराब हो जाते हैं और नाली नहीं होने के कारण घरों से निकलने वाला पानी सड़कों पर बहने की समस्या बनी रहती है।
नल-जल योजना के बावजूद पानी के लिए दूरी तय करने का आरोप
ग्रामीणों ने नल-जल योजना को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पाइप लाइन बिछाने और पानी की टंकी स्थापित किए जाने के बावजूद नियमित जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों के अनुसार कई परिवारों को आज भी करीब 1 से 2 किलोमीटर दूर से पानी लाने की मजबूरी है।
गली लाइट नहीं होने से अंधेरे में पारा
दोनों पारा में स्ट्रीट लाइट की कमी का मुद्दा भी शिकायत में प्रमुखता से उठाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि शाम होते ही कई हिस्सों में अंधेरा छा जाता है, जिससे आवागमन और सुरक्षा को लेकर परेशानी बनी रहती है।
सरपंच-सचिव को बताने के बावजूद समाधान नहीं होने का आरोप
ग्रामीणों ने शिकायत में आरोप लगाया है कि इन समस्याओं की जानकारी कई बार सरपंच एवं सचिव को दी गई, लेकिन उनके अनुसार समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं किया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पंचायत प्रतिनिधियों का पक्ष सामने आना बाकी है।
अब तीन सदस्यीय टीम करेगी मौके पर जांच
ग्रामीणों की शिकायत पर जिला पंचायत CEO ने एसडीएम मानपुर को जांच दल का अध्यक्ष बनाया है। वहीं जिला अंकेक्षक तथा सहायक आंतरिक लेखा परीक्षण एवं करारोपण अधिकारी को सदस्य बनाया गया है।
जांच दल को मौके पर जाकर ग्रामीणों द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं की पड़ताल करने के साथ-साथ पंचायत निधि और विकास कार्यों से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच कर 5 कार्यालयीन दिवस में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच रिपोर्ट पर टिकी ग्रामीणों की नजर
प्रशासन द्वारा जांच दल गठित किए जाने के बाद अब ग्रामीणों की नजर जांच रिपोर्ट पर है। यदि जांच में शिकायतों में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित मामलों में जिम्मेदारी तय किए जाने की कार्रवाई हो सकती है। वहीं ग्रामीणों को उम्मीद है कि जांच के माध्यम से उनके क्षेत्र की सड़क, पुल-पुलिया, नाली, पेयजल और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत समस्याओं का भी समाधान होगा।
फिलहाल प्रशासनिक जांच शुरू होने के बाद मुरारगोटा पंचायत में पिछले 10 वर्षों के विकास कार्यों और पंचायत निधि के उपयोग को लेकर स्थिति जांच रिपोर्ट के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी।
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