भारत सरकार एवं विश्व बैंक के संयुक्त सहयोग से संचालित RAMP (Raising & Accelerating MSME Performance) योजना के अंतर्गत भावसर फाउंडेशन द्वारा 29 अप्रैल 2026 को विश्वास संस्थान, धरमजयगढ़ (रायगढ़) में जिला स्तरीय एक दिवसीय उद्यमिता विकास संवेदीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 30 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए उद्यमिता, स्वरोजगार एवं MSME से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
कार्यक्रम का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र को सशक्त बनाना, युवाओं एवं इच्छुक उद्यमियों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना तथा उन्हें RAMP योजना के अंतर्गत उपलब्ध अवसरों और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करना था। योजना के माध्यम से MSME इकाइयों की उत्पादकता, प्रतिस्पर्धात्मकता, बाजार तक पहुंच और व्यावसायिक प्रदर्शन को बेहतर बनाने पर विशेष बल दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण के दौरान उद्यमिता विकास प्रशिक्षक भरत यादव ने प्रतिभागियों को RAMP योजना के उद्देश्य एवं लाभ, उद्यमिता विकास एवं MSME के अवसर, वित्तीय सहायता एवं क्रेडिट लिंकेज प्रक्रिया, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, बाजार तक पहुंच, कौशल विकास प्रशिक्षण तथा विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्वरोजगार के अवसरों, व्यवसाय स्थापना की प्रक्रिया तथा सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने के उपायों पर भी विस्तार से मार्गदर्शन प्रदान किया।
प्रशिक्षण को सहभागितापूर्ण एवं संवादात्मक शैली में संचालित किया गया, जिसमें सभी 30 प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को व्यवसाय प्रबंधन, वित्तीय संसाधनों तक पहुंच, बाजार से जुड़ाव तथा उद्यम संचालन के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी भी दी गई।
प्रशिक्षण के समापन अवसर पर आगामी 12 दिवसीय उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए प्रतिभागियों की सहमति प्राप्त की गई। प्रशिक्षक भरत यादव ने आगामी प्रशिक्षण की रूपरेखा एवं उसके लाभों की जानकारी साझा करते हुए सभी प्रतिभागियों को सफल उद्यमी बनने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
भावसर फाउंडेशन ने बताया कि RAMP योजना के अंतर्गत आयोजित ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में प्रेरित करने, नए उद्यम स्थापित करने तथा MSME क्षेत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने की सहमति व्यक्त की। कार्यक्रम का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण एवं सकारात्मक सहभागिता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
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