भारत सरकार एवं विश्व बैंक के संयुक्त सहयोग से संचालित RAMP (Raising & Accelerating MSME Performance) योजना के अंतर्गत भावसर फाउंडेशन द्वारा 31 मार्च से 3 अप्रैल 2026 तक बाजारपारा, बनारस (उत्तर प्रदेश) में जिला स्तरीय तीन दिवसीय उद्यमिता विकास प्रशिक्षण (शैक्षणिक भ्रमण) कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत कोसा साड़ी बुनकरों को बनारस के प्रतिष्ठित वस्त्र उद्योग, आधुनिक उत्पादन तकनीकों तथा विपणन प्रणाली का व्यावहारिक अध्ययन कराया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य कोसा सिल्क उद्योग से जुड़े बुनकरों को आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, बाजार की मांग तथा सरकारी योजनाओं से जोड़कर उनके व्यवसाय को अधिक प्रतिस्पर्धी और लाभकारी बनाना था। RAMP योजना के माध्यम से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) की उत्पादकता, प्रतिस्पर्धात्मकता तथा बाजार तक पहुंच को मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण के दौरान उद्यमिता विकास प्रशिक्षक रेखा भारद्वाज ने प्रतिभागियों को RAMP योजना के उद्देश्य एवं लाभ, MSME के अंतर्गत उपलब्ध अवसर, वित्तीय सहायता एवं क्रेडिट लिंकेज, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, बाजार से जुड़ाव, कोसा साड़ी की बढ़ती मांग एवं मूल्य, उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार, आधुनिक मशीनों के उपयोग से उत्पादन क्षमता बढ़ाने तथा सरकारी योजनाओं से व्यवसाय को जोड़ने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी।
तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण के दौरान प्रतिभागियों ने बनारस के वस्त्र उद्योग की कार्यप्रणाली, आधुनिक बुनाई तकनीकों, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग तथा विपणन प्रणाली का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। इससे उन्हें अपने पारंपरिक कोसा उद्योग को आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार व्यवस्था से जोड़ने की उपयोगी जानकारी प्राप्त हुई।
प्रशिक्षण के समापन से पूर्व आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों ने वित्तीय व्यवस्था, सरकारी योजनाओं के लिए दस्तावेजीकरण, व्यवसाय योजना, टिकाऊ व्यवसाय मॉडल, बाजार सर्वेक्षण तथा बाजार लिंकेज जैसे विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं रखीं। प्रशिक्षक रेखा भारद्वाज ने सभी प्रश्नों का विस्तारपूर्वक उत्तर देते हुए देश एवं विदेश में कोसा सिल्क की बढ़ती मांग, उसकी गुणवत्ता, लागत, मूल्य निर्धारण तथा निर्यात की संभावनाओं पर भी विस्तृत मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को भविष्य में आधुनिक तकनीक अपनाकर गुणवत्तापूर्ण उत्पादन करने, सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने तथा अपने व्यवसाय का विस्तार करने के लिए प्रेरित किया गया। प्रशिक्षक रेखा भारद्वाज ने सभी प्रतिभागियों को सफल उद्यमी बनने की शुभकामनाएं देते हुए प्रशिक्षण का समापन किया।
भावसर फाउंडेशन ने बताया कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम पारंपरिक हस्तकरघा एवं कोसा उद्योग से जुड़े बुनकरों को नई तकनीक, बेहतर बाजार और आधुनिक व्यावसायिक सोच से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इससे स्थानीय उद्योगों को नई पहचान मिलने के साथ-साथ बुनकरों की आय बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में भी सहायता मिलेगी।
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