जिले के विकासखंड मोहला अंतर्गत ग्राम ठेलकादण्ड के होनहार युवक यशपाल चुरेन्द्र ने देश की प्रतिष्ठित और कठिन मानी जाने वाली चार्टर्ड अकाउंटेंट (सी.ए.) परीक्षा उत्तीर्ण कर अपने परिवार, गांव, विद्यालय और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता से क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।
यशपाल चुरेन्द्र स्वर्गीय श्याम लाल चुरेन्द्र के पुत्र हैं। उनकी माता जगोतीन बाई चुरेन्द्र, जो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं, ने सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने पुत्र की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी। आज यशपाल की उपलब्धि उनकी माता के संघर्ष, त्याग और समर्पण का जीवंत उदाहरण बन गई है।
यशपाल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा शासकीय प्राथमिक शाला ठेलकादण्ड तथा शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मजियापार से प्राप्त की। ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े यशपाल ने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए अपने लक्ष्य को हासिल किया और चार्टर्ड अकाउंटेंट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता अर्जित की।
शिक्षकों और ग्रामीणों का कहना है कि यशपाल बचपन से ही मेधावी, अनुशासित और परिश्रमी छात्र रहे हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि यदि दृढ़ संकल्प, मेहनत और सही मार्गदर्शन मिले तो ग्रामीण अंचल के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
यह सफलता केवल यशपाल की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उनके दिवंगत पिता के सपनों, माता के संघर्ष, शिक्षकों के मार्गदर्शन और पूरे गांव के आशीर्वाद का परिणाम है। उनकी उपलब्धि आज ग्रामीण क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
यशपाल की इस सफलता पर उनके मार्गदर्शक शिक्षक नूतन सिंह साहू, तिलक राम जायसवाल, थानसिंह गांवरे एवं ओमप्रकाश कोवाची ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। शिक्षकों ने कहा कि किसी भी शिक्षक के लिए उसके विद्यार्थियों की सफलता सबसे बड़ी उपलब्धि होती है और यशपाल की उपलब्धि पूरे शिक्षकीय समुदाय के लिए गर्व का विषय है।
क्षेत्र के सामाजिक, शैक्षणिक एवं जनप्रतिनिधियों ने भी यशपाल चुरेन्द्र को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उनकी यह सफलता आने वाली पीढ़ियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी।
0 टिप्पणियाँ