Ticker

6/recent/ticker-posts

Ad Code

दमकासा में माड़ियाल पेन सेना पानाबरस राज की एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न, संस्कृति संरक्षण और शिक्षा पर हुआ मंथन

NBP NEWS/ दमकासा (भानुप्रतापपुर), 24 जून 2026
माड़ियाल पेन सेना पानाबरस राज द्वारा ग्राम दमकासा में एक दिवसीय सामाजिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपरा, भाषा और शिक्षा के संरक्षण एवं संवर्धन पर व्यापक चर्चा की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं समाज के लोगों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ वीरांगना रानी दुर्गावती बलिदान दिवस के अवसर पर उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर किया गया। उपस्थित जनसमुदाय ने रानी दुर्गावती के अदम्य साहस, त्याग और जनजातीय अस्मिता की रक्षा के लिए दिए गए योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए माड़ियाल पेन सेना के संस्थापक दादा तिरु. शेरसिंह आचला ने सामाजिक एकता एवं सांस्कृतिक संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की वास्तविक पहचान उसकी संस्कृति, परंपराओं, भाषा और प्रकृति से जुड़े जीवन मूल्यों में निहित है। इन धरोहरों को सुरक्षित रखना वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं से अपनी सांस्कृतिक विरासत को जानने, समझने और आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में पारंपरिक एवं प्राकृतिक शिक्षा की उपयोगिता पर भी विशेष चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ पारंपरिक ज्ञान, लोक परंपराओं और प्रकृति आधारित जीवन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है, ताकि समाज अपनी जड़ों से जुड़ा रह सके।

पानाबरस राज के देव पठारी तिरु. देवदास बोगा ने पेन (देव) व्यवस्था की महत्ता पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने गोंडी भाषा के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार की आवश्यकता बताते हुए कहा कि भाषा किसी भी समाज की आत्मा होती है और इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर माड़ियाल पेन सेना के महासेनापति कोय. युवराज शोरी ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं ग्रामवासियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाजहित में ऐसे आयोजन भविष्य में भी निरंतर किए जाएंगे, जिससे सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा मिल सके।

इस अवसर पर धर्मेन्द्र सोरी, कॉम. योगेन्द्र कुमोटी, हिमेश उसारे, हिमांशु सोरी, दीपक मंडावी, लया टेश्वरी मंडावी, माधुरी सलामे, आरती कुमोटी, कंचन मंडावी, कृती मंडावी, शांति मरकाम, गायत्री मंडावी एवं कृतिशाह मंडावी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। ग्राम दमकासा के लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर कार्यक्रम को सफल बनाया।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ