खड़गांव थाना क्षेत्र के ग्राम घोटिया में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां पिता की डांट-फटकार से क्षुब्ध होकर एक नाबालिग लड़की ने कीटनाशक का सेवन कर लिया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम घोटिया निवासी पिता ज्वाला तुसारे शुक्रवार को अपने कच्चे मकान की मरम्मत के कार्य में लगे हुए थे। घर की बांस वाली छत का ठाठर पिटते हुए वे मरम्मत कार्य कर रहे थे। इसी दौरान उनकी बड़ी बेटी महिमा तुसारे अपनी छोटी बहनों ज्योति (कक्षा छठवीं) एवं धानु (कक्षा दूसरी) को डांटते हुए मारपीट कर रही थी। यह देखकर पिता ज्वाला तुसारे नाराज हो गए और उन्होंने महिमा को फटकार लगाते हुए डांट दिया।
बताया जाता है कि पिता की डांट से आहत होकर महिमा ने घर में रखे कीटनाशक का सेवन कर लिया। जहर पीने के बाद वह कुछ घंटे तक चुप रही और लगभग शाम 3:30 बजे परिजनों को बताया कि उसने जहर खा लिया है।
जानकारी मिलते ही परिजनों ने तत्काल डायल-112 को सूचना दी। 112 की सहायता से महिमा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर लगभग पांच बजे लाया गया, जहां उसका उपचार शुरू किया गया। प्रारंभिक उपचार के बाद उसकी स्थिति कुछ समय के लिए सामान्य हो गई थी, लेकिन देर रात करीब एक बजे अचानक तबीयत बिगड़ने लगी।
गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव रेफर कर दिया। परिजन उसे लेकर राजनांदगांव जा रहे थे, लेकिन मोहला के पास पहुंचते ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहला लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
क्या समय रहते रिफर नहीं किया जा सकता था। शाम को एडमिट हुए मरीज को मध्य रात रिफर किया गया अगर समय रहते ये कदम उठाया जाता तो मृतिका महिमा की जान बचाई जा सकती थी।
शनिवार को शव का पोस्टमार्टम कर पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। मामले में पुलिस द्वारा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
इस दुखद घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि किशोरावस्था में बच्चों की मानसिक स्थिति को समझना और उनसे संवाद बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है। गांव में घटना के बाद शोक और संवेदना का माहौल व्याप्त है।
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