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क्षतिग्रस्त पुलिया बनी मौत का कारण, बाइक सहित गिरने से युवक की दर्दनाक मौत

NBP NEWS/ खड़गांव (मानपुर), 11 मई 2026
सरकार की उदासीनता से जा रही लोगों की जान , जिन क्षेत्र से खनिज न्यास मद की प्राप्ति हो रही वो छेत्र आज भी पुल - पुलिया जैसे मूलभूत सुविधाओं के लिए अछूता है। जिला मोहला मानपुर अं चौकी में खड़गांव के माइनिंग क्षेत्र जक्के में वर्षों से जर्जर पड़ी पुलिया एक बार फिर जानलेवा साबित हुई।

बीते रविवार शाम बाजार से वापस लौट रहे कोहका निवासी एक युवक की क्षतिग्रस्त पुलिया में बाइक सहित गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन की लापरवाही को इस हादसे का जिम्मेदार बताया है।
जानकारी के अनुसार कोहका निवासी बृजलाल बोगा रविवार शाम खरदी बाजार से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान पदभर्री-जक्के मार्ग के बीच स्थित क्षतिग्रस्त पुलिया को पार करते समय उनकी बाइक अनियंत्रित होकर पुलिया के नीचे जा गिरी। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई। बाइक भी पुलिया के नीचे क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़ी मिली।

बताया जा रहा है कि घटना रात करीब 7 बजे की है। अंधेरा होने के कारण किसी को हादसे की जानकारी नहीं मिल सकी और मृतक पूरी रात पुलिया के नीचे पड़ा रहा। सोमवार सुबह ग्रामीणों की नजर पुलिया के नीचे पड़े शव पर पड़ी, जिसके बाद तत्काल इसकी सूचना खड़गांव थाना पुलिस को दी गई।

वर्षों से जर्जर है पुलिया, कई हादसे हो चुके

ग्रामीणों का कहना है कि पदभर्री-जक्के के बीच स्थित यह पुलिया लंबे समय से क्षतिग्रस्त और बेहद खतरनाक स्थिति में है। हर वर्ष यहां दुर्घटनाएं होती रहती हैं और कई लोग घायल होने के साथ अपनी जान भी गंवा चुके हैं। बावजूद इसके पुलिया निर्माण या मरम्मत को लेकर अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया। उच्च अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौके का निरीक्षण भी कर चुके हैं, लेकिन आज तक पुलिया निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो पाया।
डीएमएफ बैठक में भी उठ चुका है मामला

जक्के पंचायत के सरपंच अजीत बोगा ने बताया कि रात के अंधेरे में क्षतिग्रस्त पुलिया से बाइक उछलकर नीचे गिर गई, जिससे युवक की मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने बताया कि पूर्व में वन विभाग के माध्यम से पुलिया का निर्माण कराया गया था, लेकिन क्षतिग्रस्त होने के बाद कई बार प्रशासन को आवेदन दिया गया।

सरपंच ने बताया कि जक्के-पदभर्री पुलिया का मामला डीएमएफ (जिला खनिज न्यास मद) की बैठक में भी उठाया गया था। प्रशासन द्वारा पुलिया निर्माण की स्वीकृति मिलने की जानकारी दी गई थी तथा बारिश के बाद निर्माण कार्य शुरू करने की बात कही गई थी।

ग्रामीणों में भारी आक्रोश

घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि जिस क्षेत्र से खनिज न्यास मद के माध्यम से करोड़ों रुपए की आय हो रही है, उसी क्षेत्र के ग्रामीण आज भी पुल-पुलिया जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल पुलिया निर्माण कराने तथा भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिया की मरम्मत या नया निर्माण कराया गया होता, तो आज एक व्यक्ति की जान बचाई जा सकती थी।

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