प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण से प्राप्त स्थायी प्रतीक्षा सूची (PWL) के वाचन, सत्यापन और प्राथमिकता निर्धारण के लिए जिले की सभी 185 ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन ने इस प्रक्रिया को सफल बताते हुए कहा है कि ग्राम सभाओं में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और पात्र हितग्राहियों के चयन में सक्रिय भूमिका निभाई।
प्रशासन के अनुसार ग्राम सभाओं में मार्गदर्शिका एवं मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुरूप स्थायी प्रतीक्षा सूची का सार्वजनिक वाचन किया गया तथा पात्र परिवारों की प्राथमिकता सूची तैयार की गई। इस दौरान सूची में शामिल परिवारों का विस्तृत सत्यापन किया गया और योजना के निर्धारित 12 निष्कासन मापदंडों के आधार पर पात्रता की जांच की गई। प्रशासन का दावा है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता, निष्पक्षता और जनभागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
जिले के कई जगहों में ग्राम सभा का सफल आयोजन हुआ जिसमें तोलूम, ख्वास फड़की, मंडियांवाडवी जैस कई पंचायतों में सफल पूर्वक ग्राम सभा सम्पन्न भी हुआ। तोलूम ग्राम सभा अध्यक्ष अशोक कुमार दुग्गा ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सचिव हितग्राहियों की सूची बता रहे साथ हितग्राही सहित ग्राम सभा के ग्रामीणों से जानकारी ले रहे है, जमीन, मकान , ट्रैक्टर और के सी सी आदि के बारे में।
तोलूम निवासी जयंती उसारे ने बताया कि ग्राम सभा के माध्यम से सारी जानकारी पूछी जा रही है घर कितने कमरों का है कच्चा है या पक्का, गाड़ी है या नहीं नौकरी में है या नहीं तमाम जानकारी ग्रामीणों से पूछकर मिलान कर रहे हैं। जानकारी के बाद मेरी आवास मान्य हुआ है जिससे मैं खुश हु अब मेरा भी पक्का मकान होगा।
जिला सीईओ भारती चंद्राकर ने विशेष ग्राम सभा के विषय में बताया कि सरपंच संघ ने अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर ग्राम सभा का बहिष्कार किया है। जिला पंचायत स्तर की सभी मांगों को जल्द ही निराकरण किया जाएगा , जो मांगे शासन स्तर की है उसे शासन को अवगत कराया जाएगा। एक ठोस कदम उठाते हुए उनके मांगो को जल्द पूरा किया जाएगा । रही बात बहिष्कार की ग्राम सभा में सरपंच उपस्थित नहीं थे, ग्राम सभा के लिए ब्लॉक स्तर के अधिकारी नोडल नियुक्त किए है साथ ही सुपरवाइजर की भी नियुकी हुई है , बड़ी अच्छी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी थी ग्राम सभा की कार्यवाही हुई मोहला मानपुर जिला पेसा अधिनियम के तहत चलता है जनता के बीच का ही प्रतिनिधि ग्राम सभा अध्यक्ष के रूप में नियुक्त होता है उनकी अध्यक्षता में ग्राम सभा सफलता पूर्वक संचालित हुई है।
हालांकि दूसरी ओर जिला सरपंच संघ ने प्रशासन के दावों पर सवाल उठाते हुए विशेष ग्राम सभा का बहिष्कार किया। सरपंच संघ का कहना है कि जिले की कई पंचायतों में ग्राम सभाएं आयोजित ही नहीं हुईं, जबकि जहां बैठकें हुईं वहां अधिकांश स्थानों पर ग्राम पंचायत के प्रमुख जनप्रतिनिधि सरपंच उपस्थित नहीं थे और वार्ड पंच भी।
जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र भूआर्य ने कहा कि जिला सीईओ के प्रशासनिक दबाव में सचिवों ने ग्राम सभा किए जिसमें सरपंच और वार्ड पंच शामिल नहीं हुए थे। कब तक दबाव में पंचायत चलेगा, और कब तक बिना सरपंच के पंचायत को चलेगी क्या प्रशासनिक कर्मचारियों के बदौलत पंचायत चला पाएंगे? जिले में लगभग पचास प्रतिशत ग्राम सभा हुई किंतु सरपंच और वार्ड पंच नहीं शामिल हुए बाकी जगह ग्राम सभा स्थगित हुए।
जिले के बड़े पंचायत के ग्राम सभा स्थगित रही खास कर ग्राम पंचायत मोहला , मानपुर और धोबेदंड जैसे अनेकों पंचायतों में कोरम पूरा नहीं होने पर सफल नहीं रही ।
दरअसल, एक दिन पहले जिले के तीनों विकासखंड—मोहला, मानपुर और अंबागढ़ चौकी—के बड़ी संख्या में सरपंच अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे थे। सरपंचों का आरोप है कि पंचायतों में निर्माण कार्यों के लंबित भुगतान, ऑनलाइन एडिट प्रक्रिया और प्रशासनिक कार्यों में कथित वसूली जैसी समस्याओं का लंबे समय से समाधान नहीं हो रहा है। अधिकारियों के साथ हुई चर्चा से संतुष्ट नहीं होने पर सरपंच कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, लेकिन कलेक्टर से मुलाकात नहीं हो पाने के कारण उनकी नाराजगी और बढ़ गई।
इसके बाद जिला सरपंच संघ ने विशेष ग्राम सभा के बहिष्कार का निर्णय लिया। संघ का आरोप है कि ग्राम सभाओं का आयोजन प्रशासनिक दबाव में कराया गया और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा करते हुए प्रक्रिया पूरी की गई। सरपंच संघ का कहना है कि पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों की समस्याओं का समाधान किए बिना योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जनभागीदारी की बात करना उचित नहीं है।
वहीं जिला प्रशासन का कहना है कि शासन के निर्देशानुसार ग्राम सभाओं का आयोजन कर आवास पात्रता सूची के सत्यापन और प्राथमिकता निर्धारण की प्रक्रिया पूरी की गई है। प्रशासन ने बताया कि अब प्राप्त दावों और आपत्तियों का परीक्षण कर अंतिम स्थायी प्रतीक्षा सूची तैयार की जाएगी।
फिलहाल जिले में विशेष ग्राम सभा को लेकर प्रशासन और सरपंच संघ आमने-सामने नजर आ रहे हैं। एक ओर प्रशासन इसे सफल आयोजन बता रहा है, तो दूसरी ओर सरपंच संघ इसे जनप्रतिनिधियों की अनदेखी और प्रशासनिक दबाव में कराया गया आयोजन बता रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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