सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जनपद पंचायत मोहला के ग्राम पंचायत आमाडुला में सोमवार को जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे, जहां प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और त्वरित निराकरण की दिशा में कार्रवाई सुनिश्चित की।
शिविर का मुख्य उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना तथा ग्रामीणों और प्रशासन के बीच विश्वास एवं सहभागिता को मजबूत करना रहा। शिविर में विभिन्न विभागों से जुड़े मांग एवं शिकायत संबंधी आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर संबंधित विभागों द्वारा प्राथमिकता के साथ कार्रवाई शुरू की गई।
जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सुशासन तिहार शासन की जनहितकारी सोच का प्रतीक है। इसके माध्यम से प्रशासन गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजनाओं का लाभ पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता के साथ पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने और गांव के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
आमाडूला सुशासन तिहार में एक उम्मीद भरी झकझोर देने वाली तस्वीर भी निकलकर सामने आई - मुरारगोटा निवासी गंगोत्री बाई बड़ी आस लेकर अपने छोटे बच्चे को साथ कार्यक्रम स्थल अनुकंपा नियुक्ति की मांग लेकर पहुंची, उनका कहना है उनके पति वन विभाग में तेंदूपत्ता फड़ मैनेजर थे उनके निधन के बाद परिवार का भरण पोषण में काफी दिक्कतें आ रही है। ऐसे में वो लगातार सालों से प्रशासन के दरवाजे खटखटा रही है। जब चप्पल घिसने के बाद कोई काम नहीं हुआ तो सुशासन तिहार एक उम्मीद की किरण नजर आई सोमवार को पहुंचकर अपने बच्चे के साथ आवेदन लगाए हैं।
कार्यक्रम के दरम्यान हमेशा की तरह कलेक्टर तुलिका प्रजापति और जिला पंचायत सीईओ भारती चंद्राकर ने समस्त सरपंचों की बैठक ली विभागीय योजनाओं की क्रियान्वयन और जल संचय जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा की। जिला प्रशासन की एक अच्छी पहल जिसमें कलेक्टर पंचायतों के मुखियाओं से सीधे रूबरू हो रही हैं।
जिम्मेदार अधिकारियों ने मोहला विकासखंड में हो रहे इस कार्यक्रम में हितग्राहियों के सुविधाओं का इस बार खासा ध्यान दिया गया था। पर्याप्त मात्रा में बैठने की व्यवस्था, गर्मी से राहत देने कूलर की व्यवस्था, पीने के पानी का खासा ध्यान रखा गया था। हितग्राहियों के लिए भोजन की भी व्यवस्था की गई थी।
कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष गैंदकुंवर ठाकुर, सदस्य सीता देवी कोमरे, सदस्य लक्ष्मी कोला, सदस्य तीरथ रावटे, कलेक्टर तुलिका प्रजापति, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह, सीईओ जिला पंचायत भारती चंद्राकर, अपर कलेक्टर जीआर मरकाम, अपर कलेक्टर मिथलेश डोंडे एवं एसडीएम मोहला हेमेंद्र भुआर्य सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, सरपंच, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
13 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने लिया हिस्सा
आमाडुला क्लस्टर अंतर्गत आमाडुला, जोबटोला, सोमाटोला, दनगढ़, बोगाटोला, मचांदूर, पिडिंगपार, बिरझुटोला, कोडेमरा, मोतीपुर, पुत्तरगोंदीकला, डुमरटोला एवं मुनगाडीह सहित कुल 13 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण शिविर में पहुंचे और विभिन्न समस्याओं एवं मांगों से जुड़े आवेदन प्रस्तुत किए।
विभागीय स्टॉलों के माध्यम से दी गई योजनाओं की जानकारी
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को शासन की योजनाओं, पात्रता और लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। पात्र हितग्राहियों को मौके पर प्रमाण पत्र, सहायता राशि, सामग्री एवं अन्य लाभ भी वितरित किए गए।
स्वास्थ्य, कृषि, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा समाज कल्याण विभाग सहित अन्य विभागों ने ग्रामीणों को योजनाओं से जोड़ने एवं जागरूकता बढ़ाने का कार्य किया। प्रशासन की सक्रिय पहल से ग्रामीणों में उत्साह और विश्वास का माहौल देखने को मिला।
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