सात माह के लंबे अंतराल बाद मोहला में आदिवासी महिला को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में मोहला पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और एससी/एसटी एक्ट के तहत सख्त धाराओं में मामला दर्ज किया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना मोहला क्षेत्र में मर्ग क्रमांक 26/25 धारा 194 बीएनएसएस के तहत ग्राम छुरिया वार्ड नंबर 17 निवासी 23 वर्षीय शीतल नेताम ने 18 अक्टूबर 2025 को आत्महत्या की थी उक्त के मामले की जांच की जा रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वाय. पी. सिंह के निर्देशन में विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी सूरज उर्फ सोनू राजपूत (31 वर्ष), निवासी वार्ड नंबर 03 मोहला, मृतिका को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। मृतिका के साथ सोनू के आंतरिक संबंध भी थे। मृतिका अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित थी। पुलिस जांच में यह पाया गया कि आरोपी के उत्पीड़न से परेशान होकर महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
मामले में थाना मोहला में अपराध क्रमांक 48/2026 के तहत धारा 108 बीएनएस एवं 3(2)(V) एससी/एसटी एक्ट के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया। विवेचना के दौरान घटनास्थल निरीक्षण, गवाहों के बयान, परिजनों से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की संलिप्तता पाए जाने पर पुलिस ने 25 मई 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने के बाद उसे माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
उक्त प्रकरण में सात माह का समय लगाना भी सोचनीय है एक लंबे समय लेकिन पीढ़ित पक्ष को न्याय मिला लोगों में बढ़ी उम्मीद।
पूरी कार्रवाई में आजाक निरीक्षक ईश्वर ध्रुव, उप निरीक्षक नरेन्द्र भंडारी, उप निरीक्षक ताज खान, प्रधान आरक्षक सुनील उपाध्याय, आरक्षक ललित कुर्रे एवं आरक्षक दिनेश पंकज का विशेष योगदान रहा।
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