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जिले को मिली बड़ी सौगात: विधायक और जिला अध्यक्ष के प्रयास से विभिन्न स्कूलों में बनेंगे प्रार्थना शेड


NBP NEWS/ मोहला, 26 मार्च 2026।
विष्णु देव साय सरकार ने राज्य भर में सरकारी विद्यालयों में लघु निर्माण हेतु 585 विद्यालय का चयन किया गया। इसी तरह मोहला जिले के शिक्षा क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा शासकीय विद्यालयों में लघु निर्माण कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस पहल के अंतर्गत जिले के कुल 24 विद्यालयों में प्रार्थना शेड निर्माण को मंजूरी मिली है, जिससे हजारों विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
जानकारी के अनुसार, मोहला-मानपुर क्षेत्र के विधायक इंद्रशाह मंडावी के विशेष प्रयासों से कई स्कूलों में प्रार्थना शेड निर्माण की स्वीकृति मिली है। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह के प्रयासों से भी चार विद्यालयों को स्वीकृति प्रदान की गई है।
इन स्कूलों में होगा निर्माण

मानपुर विकासखंड के हाई स्कूल ईरागांव, भरीटोला, हायर सेकेंडरी स्कूल खड़गांव और ठेकेदारी बोरिया में प्रार्थना शेड बनाए जाएंगे।
मोहला विकासखंड के अंतर्गत हाई स्कूल भोजटोला, दुगाटोला, वासड़ी, ककईपार, हायर सेकेंडरी स्कूल कोर्रामटोला, डूमरटोला सहित प्राथमिक शालाएं—वासड़ी, मरकाटोला, पांडरवानी, गोटाटोला और एकटकन्हार में भी निर्माण कार्य होगा।
इसी तरह अंबागढ़ चौकी विकासखंड के हाई स्कूल गोपलिनचुवा, भरीटोला, हायर सेकेंडरी स्कूल केसरीटोला और हाई स्कूल कौड़ीकसा भी इस सूची में शामिल हैं।

वित्तीय प्रावधान के अनुसार:
प्राथमिक शालाओं के लिए: ₹5 लाख प्रति स्कूल
हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी के लिए: ₹10 लाख प्रति स्कूल

इस निर्माण से विद्यालयों में प्रार्थना, सभा और अन्य गतिविधियों के लिए सुरक्षित एवं व्यवस्थित स्थान उपलब्ध होगा। साथ ही स्कूल परिसर का समग्र विकास भी सुनिश्चित होगा।
जनप्रतिनिधियों ने जताई खुशी

इस स्वीकृति पर कई जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नेताओं ने खुशी जताई है और विधायक के प्रयासों की सराहना की है। आभार जताने वालों में जिला अध्यक्ष सुरजीत सिंह ठाकुर, युकां अध्यक्ष मनीष निर्मल, सुशीला भंडारी, बालचंद कोरेटी, राजेंद्र चक्रधारी, मुकेश सिन्हा, अजय राजपूत, अब्दुल खलीक, जनपद अध्यक्ष पुष्पा मंडावी, उपाध्यक्ष देवानंद कौशिक सहित कई जनप्रतिनिधि और नागरिक शामिल हैं।
श्रेय को लेकर सियासत गरम

इस विकास कार्य के साथ ही जिले की राजनीति भी गरमा गई है। विधायक की अनुशंसा की खबर सामने आते ही भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा सोशल मीडिया, खासकर व्हाट्सएप ग्रुप्स में प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कुछ कार्यकर्ताओं ने जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह के लेटर पैड की अनुशंसा कॉपी साझा करते हुए दावा किया कि विद्यालयों की स्वीकृति उनके प्रयासों से मिली है।
हालांकि, जिले में कुल 24 विद्यालयों को स्वीकृति मिली है, ऐसे में शेष विद्यालयों के लिए किसकी अनुशंसा रही—यह भी चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक गलियारों में श्रेय लेने और देने की होड़ साफ दिखाई दे रही है। बरहाल विधायक निवास ने इसकी पुष्टि की है।

उठ रहे सवाल

क्या विकास कार्यों का श्रेय लेने की राजनीति जरूरी है?

आखिर क्यों जनप्रतिनिधियों के बीच श्रेय की होड़ मची है?

क्या कार्यकर्ताओं को तथ्यों की पूरी जानकारी के साथ प्रतिक्रिया देनी चाहिए?

संतुलित दृष्टिकोण की जरूरत

स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह के विकास कार्यों में श्रेय की राजनीति से अधिक महत्वपूर्ण विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाएं हैं। साथ ही यह भी जरूरी है कि कार्यकर्ता और आम नागरिक किसी भी जानकारी पर प्रतिक्रिया देने से पहले तथ्यों का अध्ययन करें।

जिले में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में यह एक सकारात्मक कदम है, लेकिन इसके साथ ही राजनीतिक संतुलन और परिपक्वता भी उतनी ही आवश्यक है।

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