NBP NEWS/ मोहला, 16 अप्रैल 2026
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के औंधी वन परिक्षेत्र के अंतर्गत ग्राम साल्हे भट्टी में पिछले कुछ दिनों से फैली दहशत अब खत्म हो गई है। वारकुंजी और साल्हे भट्टी के जंगलों में मवेशियों का शिकार करने वाला हिंसक जानवर बाघ नहीं, बल्कि तेंदुआ निकला है। इस बात की पुष्टि वन विभाग द्वारा लगाए गए अत्याधुनिक ट्रैप कैमरों में कैद तस्वीरों से हुई है।
ग्रामीणों के बीच लगातार हो रहे हमलों के चलते इसे बाघ का आतंक माना जा रहा था, लेकिन अब कैमरा फुटेज सामने आने के बाद सभी अटकलों पर विराम लग गया है। तस्वीरों में एक तंदुरुस्त तेंदुआ शिकार वाले इलाके के आसपास घूमते हुए साफ नजर आया है।
इस संबंध में मानपुर के एसडीओ अजय सिंह राजपूत ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि साल्हे भट्टी क्षेत्र में दो बछड़ों के शिकार के बाद से ही विभाग सतर्क हो गया था। घटनास्थल पर मिले पगमार्क (पदचिह्न) का आकार बाघ की तुलना में छोटा पाया गया, जिससे तेंदुए की आशंका पहले ही जताई जा रही थी। इसी आधार पर डीएफओ दिनेश पटेल के मार्गदर्शन में अलग-अलग स्थानों पर ट्रैप कैमरे लगाए गए थे, जिनमें अब तेंदुए की पुष्टि हो गई है।
वन विभाग के अनुसार तेंदुआ काफी फुर्तीला और आक्रामक होता है, जो झाड़ियों में छिपकर या पेड़ों पर चढ़कर घात लगाकर हमला करता है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग अब उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है। टीम द्वारा क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
तस्वीर सामने आने के बाद इलाके में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे शाम के बाद जंगल की ओर न जाएं और मवेशियों को सुरक्षित बाड़ों में ही रखें। साथ ही छोटे बच्चों को घर के अंदर रखने और रात में बाहर निकलते समय टॉर्च व समूह में रहने की सलाह दी गई है।
विभाग ने यह भी आश्वासन दिया है कि जिन पशुपालकों के मवेशियों का शिकार हुआ है, उन्हें जल्द मुआवजा दिलाने के लिए कागजी प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है। फिलहाल वन विभाग की टीम और ट्रैप कैमरे साल्हे भट्टी के जंगलों में तैनात हैं और तेंदुए की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है।
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