महतारी वंदन योजना के तहत ई-केवाईसी कराने पहुंच रही महिलाओं के साथ औंधी के चॉइस सेंटर में अभद्र बदसलूकी और गाली-गलौच का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। NBP NEWS में मामला उजागर होने के बाद संबंधित केंद्र संचालक शोभित गुप्ता का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है।
महतारी वंदन योजना की ई केवाईसी कराने पहुंचे महिलाओं के साथ हुआ अभद्रता | महिलाएं हुई आक्रोशित : औंधी
घंटों लाइन, अपमानजनक व्यवहार
घंटों लाइन में लगे स्थानीय महिलाओं ने आरोप लगाया कि योजना का लाभ लेने के लिए केंद्र पहुंचने पर केंद्र में तैनात कर्मचारियों द्वारा अभद्र व्यवहार और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था। ई केवाईसी के नाम पर पैसे लिए जा रहे थे। वीडियो में साफ तौर पर दिखाई दे रहा था कि कैसे संचालक द्वारा दर्जनों महिलाओं से अभद्र व्यवहार और गाली-गलौच किया जा रहा था।
NBP NEWS की खबर का असर
मामले को प्रमुखता से उठाते हुए NBP NEWS ने पीड़ित महिलाओं का वीडियो सामने रखीं। खबर प्रसारित होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और तत्काल जांच के निर्देश दिए गए। जांच में शिकायतें सही पाए जाने पर सख्त कदम उठाया गया।
संचालक पर आरोप: अभद्रता और अवैध वसूली
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि चॉइस सेंटर संचालक शोभित गुप्ता द्वारा महिलाओं से ई-केवाईसी के नाम पर अवैध रूप से पैसे वसूले जा रहे थे, जबकि यह प्रक्रिया निःशुल्क है। इसके साथ ही उनके द्वारा महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार की पुष्टि भी हुई।
लाइसेंस रद्द, प्रशासन की चेतावनी
जिला कलेक्टर तूलिका प्रजापति ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संचालक शोभित गुप्ता का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। उनके स्थान पर औंधी तहसील वाले VLE सभी हितग्राहियों निःशुल्क ई केवाईसी करेंगे। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि शासन की योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अव्यवस्था या हितग्राहियों के साथ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
महिलाओं में राहत, पर व्यवस्था सुधार की मांग
कार्रवाई के बाद महिलाओं में राहत है, लेकिन उन्होंने मांग की है कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों, इसके लिए व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाए। समय पर सेवा, सम्मानजनक व्यवहार और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता जताई गई है।
औंधी में महतारी वंदन योजना के तहत हुई यह घटना प्रशासनिक कार्यवाही का एक उदाहरण है। शिकायतों को सुशासन में नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। अब जरूरत है कि ऐसी योजनाओं का लाभ लेने पहुंचने वाले हितग्राहियों को सम्मान और सुविधा दोनों सुनिश्चित किए जाएं।
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