जिले में अवैध रेत उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ जिला प्रशासन एवं खनिज विभाग द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध गतिविधियों के खिलाफ “शून्य सहनशीलता” की नीति अपनाई गई है और प्राप्त हर शिकायत पर तत्काल जांच कर कार्रवाई की जा रही है।
खनिज विभाग के अनुसार शिवनाथ नदी सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में उड़नदस्ता दल द्वारा नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। हाल ही में समाचार पत्रों में प्रकाशित अवैध रेत उत्खनन की खबरों के बाद विभाग ने दाऊटोला और बरारमुंडी क्षेत्र में संयुक्त जांच अभियान चलाया, जहां अवैध रेत परिवहन का मामला सामने आया। कार्रवाई के दौरान एक ट्रैक्टर को जप्त कर ग्राम पंचायत आटरा के सुपुर्द किया गया।
जांच दल ने मौके पर लगभग 40 ट्रिप यानी करीब 120 घनमीटर अवैध रूप से उत्खनित एवं भंडारित रेत को सरपंच और ग्रामीणों की मौजूदगी में शिवनाथ नदी में पुनः प्रवाहित कराया, ताकि पर्यावरणीय संतुलन बना रहे। इसके अलावा लगभग 30 ट्रिप रेत को भी जप्त कर नियमानुसार कार्रवाई की गई।
विभागीय जानकारी के मुताबिक खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 तथा छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 की धारा 71 के तहत कार्रवाई की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के 36 प्रकरण दर्ज कर 6 लाख 68 हजार 850 रुपए का अर्थदंड लगाया गया है। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 6 मामलों में 1 लाख 61 हजार 250 रुपए का जुर्माना अधिरोपित किया गया है।
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