सुशासन तिहार 2026 के तहत मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में जल संरक्षण और भूजल संवर्धन को जनआंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कृषि विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा स्व-सहायता समूहों के संयुक्त सहयोग से जिलेभर में व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। अभियान के माध्यम से ग्रामीणों और किसानों को वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और जल संरक्षण की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जा रही है।
जिले में अब तक 1000 से अधिक “पांच प्रतिशत मॉडल” तैयार किए जा चुके हैं, जिनके जरिए गांव-गांव तक जल संरक्षण का संदेश पहुंचाया जा रहा है। इस अभियान में जिले की 46,527 स्व-सहायता समूह (SHG) की महिलाएं सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। प्रत्येक समूह की महिलाओं द्वारा दो-दो ट्रेंच निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे बड़े पैमाने पर जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण सुनिश्चित होगा।
अभियान के तहत किसानों के खेतों के कोनों में 1 मीटर × 1 मीटर आकार और 2 फीट गहराई वाले ट्रेंच तैयार किए जा रहे हैं। इन ट्रेंचों में वर्षा जल संग्रहित होकर धीरे-धीरे जमीन में समाहित होगा, जिससे भूजल स्तर में वृद्धि, मिट्टी में नमी संरक्षण और कृषि उत्पादन में सुधार होने की संभावना है।
जिला प्रशासन ने विशेष रूप से उन ग्राम पंचायतों को चिन्हित करना शुरू किया है जहां भूजल स्तर अत्यंत कम है। ऐसे क्षेत्रों के लिए पृथक कार्ययोजना तैयार कर स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा, ताकि जल संकट का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने कहा कि वर्तमान समय में जल संरक्षण सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता बन चुका है। बढ़ती जल मांग और घटते भूजल स्तर को देखते हुए प्रत्येक नागरिक को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है और आज किया गया छोटा प्रयास भविष्य में बड़े परिणाम दे सकता है। जनसहभागिता से जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सकता है।
जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी भारती चंद्राकर ने कहा कि जिले में जल संरक्षण को लेकर अभूतपूर्व जनभागीदारी देखने को मिल रही है। उन्होंने बताया कि 46 हजार से अधिक स्व-सहायता समूह की महिलाएं इस अभियान की मुख्य शक्ति बनकर सामने आई हैं। खेत का पानी खेत में और गांव का पानी गांव में रोकने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर ट्रेंच निर्माण कराया जा रहा है। यह अभियान जिले में जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों, किसानों, जनप्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों और सामाजिक संगठनों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। प्रशासन का मानना है कि सामूहिक प्रयासों से जिले को जल समृद्ध बनाया जा सकता है।
जल संरक्षण अभियान की प्रमुख उपलब्धियां
⭕जिले में 1000 से अधिक “5 प्रतिशत मॉडल” तैयार
⭕46,527 स्व-सहायता समूह की महिलाएं अभियान से जुड़ीं
⭕प्रत्येक समूह द्वारा 2-2 ट्रेंच निर्माण का लक्ष्य
⭕खेतों में 1×1 मीटर आकार और 2 फीट गहराई वाले ट्रेंच तैयार
⭕वर्षा जल संचयन और भूजल संवर्धन पर विशेष फोकस
⭕मिट्टी में नमी संरक्षण और कृषि उत्पादन बढ़ाने की पहल
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