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मोहला में उबाल: ड्राइवर हत्याकांड पर 10 हजार आदिवासियों ने घेरा कलेक्ट्रेट

NBP NEWS/ मोहला, 07 अप्रैल 2026
जिला मुख्यालय मोहला में सोमवार को आदिवासी बस चालक कमलेश भूआर्य की निर्मम पिटाई और उसके बाद हुई मौत के मामले ने उग्र रूप ले लिया है। इस जघन्य हत्याकांड के विरोध में सोमवार को हजारों की संख्या में आदिवासी महिला, पुरुष और युवा सड़कों पर उतर आए। आक्रोशित ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर जमकर नारेबाजी की, जिसके चलते प्रशासनिक बैठक में शामिल होने आए सांसद और विधायक घंटों अंदर ही फंसे रहे।
10 हजार की भीड़, झंडे और पुलिस से तीखी झड़प
सुबह से ही जिले के कोने-कोने से आदिवासी हल्बा समाज के लोग मोहला पहुंचने लगे थे। देखते ही देखते लगभग 10 हजार लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। हाथों में समाज के झंडे लिए प्रदर्शनकारी रैली की शक्ल में कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय की ओर बढ़े। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने मुख्य द्वार पर भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस बल के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी रही।

सभा कक्ष में 'कैद' रहे जनप्रतिनिधि
जिस वक्त बाहर हजारों की भीड़ इंसाफ की मांग कर रही थी, उस समय कलेक्ट्रेट के सभा कक्ष में सांसद संतोष पांडे, विधायक इंद्रशाह मंडावी और खुज्जी विधायक भोलाराम साहू प्रशासनिक बैठक में मौजूद थे। प्रदर्शनकारियों के लामबंद होने और मुख्य द्वार के घिराव के कारण दोनों जनप्रतिनिधि और आला अधिकारी काफी समय तक अंदर ही रुके रहे। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया था।
समाज की मांग: 'आरोपियों को मिले फांसी की सजा'
हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज में इस घटना को लेकर गहरा रोष है। मृतक की पत्नी अमरिका बाई भूआर्य के साथ पहुंचे समाज के लोगों ने शासन-प्रशासन के सामने अपनी कड़ी मांगें रखीं:
हत्या के दोषियों को "फांसी की सजा" दी जाए।
पीड़ित परिवार को उचित "आर्थिक मुआवजा" मिले।
परिवार के एक सदस्य को "शासकीय नौकरी" प्रदान की जाए।

हल्बा समाज के जिला अध्यक्ष बीरेंद्र मसिया ने कहा, "हमारे समाज के युवक को जिस वीभत्स तरीके से थाने के पास दो-दो बार पीटा गया कि उसकी अंतड़ियां तक फट गईं, वह असहनीय है। अगर जिला मुख्यालय में आम लोग सुरक्षित नहीं हैं, तो न्याय के लिए यह आंदोलन जारी रहेगा।"

क्या है पूरा मामला?
घटना 20 मार्च की है, जब मोहला के ही 6 युवकों ने बस चालक कमलेश भूआर्य की बेल्ट और पट्टों से बेरहमी से पिटाई की थी। गंभीर रूप से घायल कमलेश को राजनांदगांव के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 25 मार्च को उन्होंने दम तोड़ दिया। कमलेश अपने घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य था, जिसकी मौत के बाद परिवार के सामने जीवन-यापन का संकट खड़ा हो गया है।

पुलिसिया कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था- 
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी वाय.पी. सिंह के निर्देश पर मोहला थाना प्रभारी कपिल देव चंद्रा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हालांकि, आदिवासी समाज इस कार्रवाई को अपर्याप्त मानते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामला चलाने और कठोरतम सजा की मांग पर अड़ा है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए नगर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

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