अनुसूचित क्षेत्र अंतर्गत जिले के 499 ग्रामों में व्याप्त आदिम आस्था, परंपराओं एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण हेतु प्रारंभ किया गया जनसंवादात्मक अभियान आज ग्राम गोटाटोला में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। 4 फरवरी 2026 को पानाबरस राज मुख्यालय से प्रारंभ यह यात्रा खरदी, विजयपुर, मानपुर, औंधी, भोजटोला, चिल्हाटी, आतरगांव, अंबागढ़ चौकी और मजियापार होते हुए अंतिम चरण में गोटाटोला पहुंची, जहां भव्य कार्यक्रम के साथ इसका समापन किया गया।
यह आयोजन आदिम आस्था से जुड़े प्राचीन स्थलों के चिन्हांकन, प्रबंधन एवं संवर्धन विषय पर केंद्रित रहा। कार्यक्रम को जिले में सांस्कृतिक विरासत संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी पहल के रूप में देखा जा रहा है।
जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में जिला भाजपा अध्यक्ष दिलीप वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ पानाबरस क्षेत्र के राजा लाल लक्ष्मेंद्र शाह, जिला भाजपा उपाध्यक्ष रमेश हिड़ामे, पूर्व जिला भाजपा अध्यक्ष मदन साहू तथा वरिष्ठ कार्यकर्ता अंबर जोशी की विशेष उपस्थिति रही।
अतिथियों ने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामवासियों, जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के जनसंवाद कार्यक्रम आदिम आस्था स्थलों के संरक्षण के लिए जन-जागरूकता का सशक्त माध्यम हैं और वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता भी।
“सांस्कृतिक विरासत बचाने का सामूहिक संकल्प”
अपने संबोधन में दिलीप वर्मा ने कहा कि यह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए अपनी सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने का सामूहिक संकल्प है। उन्होंने 499 ग्रामों से आए ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता की सराहना करते हुए ग्रामस्तर की जनभागीदारी को इस अभियान की सबसे बड़ी शक्ति बताया।
वहीं राजा लाल लक्ष्मेंद्र शाह ने उपस्थित जनसमुदाय से अपील की कि वे अपने-अपने गांवों में स्थित आदिम आस्था से जुड़े प्राचीन स्थलों की जानकारी निर्धारित प्रारूप में भरकर संबंधित प्रतिनिधियों को शीघ्र उपलब्ध कराएं, ताकि स्थलों का विधिवत चिन्हांकन, दस्तावेजीकरण एवं प्रशासनिक कार्यवाही समयबद्ध रूप से पूर्ण की जा सके।
जनसहभागिता से होगा संरक्षण
वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जनसहभागिता के बिना किसी भी सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण संभव नहीं है। ग्रामों से प्राप्त प्रमाणिक जानकारी के आधार पर ही स्थलों का वैज्ञानिक ढंग से प्रबंधन, संवर्धन एवं दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
समापन अवसर पर ग्राम प्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने एकमत होकर इस पहल का समर्थन किया और अपने-अपने क्षेत्रों की आदिम आस्था एवं सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण हेतु सक्रिय सहयोग का संकल्प लिया। आयोजन को जिले के लिए जनभागीदारी आधारित संरक्षण मॉडल के रूप में एक प्रेरणादायी उदाहरण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री के प्रति आभार
कार्यक्रम के अंत में समस्त जनसमुदाय एवं आयोजकों द्वारा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा प्रभारी मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रति इस जनहितकारी अभियान के लिए आभार एवं साधुवाद व्यक्त किया गया। साथ ही आदिम आस्था स्थलों के संरक्षण हेतु प्राप्त प्रशासनिक सहयोग एवं मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
यह जनसंवाद कार्यक्रम जिले में सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने के साथ-साथ परंपराओं के संरक्षण की दिशा में नई दृष्टि और दिशा प्रदान करने वाला सिद्ध हुआ है।
0 टिप्पणियाँ