बौद्ध समाज कल्याण समिति, मोहला द्वारा आयोजित युवक-युवती परिचय सम्मेलन उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से पहुंचे युवक-युवतियों ने मंच पर क्रमवार अपना परिचय दिया। प्रतिभागियों के साथ उनके पालक एवं बड़ी संख्या में समाजजन भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत धम्ममित्र हमीर मेश्राम एवं वामेश्वर सिंह मेश्राम ने गौतम बुद्ध तथा बी आर अंबेडकर के छायाचित्र पर माल्यार्पण, त्रिशरण पंचशील वाचन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ की।
प्रारंभ में समिति अध्यक्ष जयेंद्र मेश्राम ने अतिथियों व प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए परिचय सम्मेलन के उद्देश्य और इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस तरह के आयोजन समाज में पारस्परिक संवाद बढ़ाने और वैवाहिक संबंधों के लिए सकारात्मक मंच प्रदान करने का कार्य करते हैं। सम्मेलन में लगभग 50 युवक-युवतियों ने पंजीयन कराया था।
मंचस्थ अतिथि अशोक माहेश्वरी (जिलाध्यक्ष, भारतीय बौद्ध महासभा) एवं वामेश्वर सिंह मेश्राम ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में युवक-युवती परिचय सम्मेलन सामाजिक समरसता और पारिवारिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने समिति के प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में भोजन उपरांत माता रमाई जयंती मनाई गई। इस अवसर पर महिलाओं और उपस्थित जनों को आयु. प्रज्ञा कांडे (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, महिला सशक्तिकरण संघ), नंदा मेश्राम एवं हर्षिका गजभिए ने संबोधित किया। वक्ताओं ने माता रमाई के जीवन संघर्ष और समाज के प्रति उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए महिलाओं को संगठित होकर सशक्त बनने का आह्वान किया। महिला सशक्तिकरण संघ द्वारा सभी उपस्थितजनों को निःशुल्क कैलेंडर वितरित किए गए।
कार्यक्रम का संचालन समिति अध्यक्ष जयेंद्र मेश्राम ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन महेंद्र टेम्बुकर एवं लक्ष्मी गेडाम ने किया। आयोजन को सफल बनाने में खूबचंद गजभिए, रवि खोबरागड़े, दिलीप सावलकर, कमलेश बोरकर, प्रवीण गेडाम, योगेश लेंझारे, वीरेन्द्र ठावरे, विकास त्रिपुरे, भुवन मेश्राम, गोलू ऊके, यशपाल रामटेके, विक्रांत निकोसे, प्रणभ बारसागढ़े सहित अनेक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका रही।
इसके अलावा प्रीतलाल महेश्वरी, ज्ञानेंद्र रामटेके, चंद्रकांत मेश्राम, रोशन रामटेके, योगेंद्र रामटेके, बी.आर. बारसागढ़े, मोहन नोन्हारे, मानसिंह गजभिए, संजय मेश्राम, पंचम नंदे, शंकरलाल, छबिलाल महेश्वरी, कुलचंद गजभिए, अश्वन बोरकर, रमेश दिलीप सहारे, संतलाल बारसागड़े, गमीता लोनहारे, चंद्रप्रभा रामटेके, सीता गजभिए, हरिता गजभिए, इंद्रकला कांडे, कविता शेंडे, तृप्ति टेम्बुरकर, सुभद्रा खापर्डे, विद्यावती वर्मा, संघमित्रा धारगावे, सरिता सूर्यवंशी सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
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