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तेंदूपत्ता संग्रहण से पहले मोहला में वैज्ञानिक शाख कर्तन पर प्रशिक्षण, 36 हजार संग्राहक परिवारों को मिलेगा लाभ

NBP NEWS/ मोहला, 27 फरवरी 2026। जिले में तेंदूपत्ता संग्रहण सत्र 2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा जिला लघु वनोपज संघ के संयुक्त तत्वावधान में मोहला मुख्यालय में वृहद तेंदूपत्ता शाख कर्तन प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य आगामी सीजन में गुणवत्तापूर्ण तेंदूपत्ता उत्पादन सुनिश्चित करना और संग्राहकों को वैज्ञानिक पद्धति की जानकारी देना था।
विशेषज्ञों ने बताया कि बसंत ऋतु में तेंदूपत्ता संग्रहण से पूर्व शाख कर्तन एक अनिवार्य प्रक्रिया है। निर्धारित ऊंचाई और सही तकनीक से शाख कर्तन किए जाने पर नए निकलने वाले पत्तों की गुणवत्ता बेहतर होती है। इससे संग्राहकों को अधिक मूल्य प्राप्त होता है और उनकी आय में वृद्धि होती है। प्रशिक्षण में शाख कर्तन की सही ऊंचाई, समय और विधि का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया।
वनमंडलाधिकारी दिनेश पटेल ने बताया कि पिछले दो वर्षों से जिले के लगभग 36 हजार संग्राहक परिवार प्रतिवर्ष 56 हजार मानक बोरा से अधिक तेंदूपत्ता संग्रहित कर रहे हैं। संग्राहकों के खातों में ऑनलाइन माध्यम से प्रतिवर्ष 31 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की जा रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वर्ष 2025 में संग्राहक परिवारों की महिला मुखियाओं को चरण पादुका वितरण किया गया, जिससे उन्हें संग्रहण कार्य में सुविधा मिल सके।
कार्यक्रम में उपस्थित पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह ने जंगलों में आग न लगाने और आग लगने की स्थिति में तत्काल बुझाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आग से तेंदूपत्ता की गुणवत्ता प्रभावित होती है, साथ ही वन्य प्राणियों और जन-धन की भी हानि होती है।
जिला वन सभापति ने निर्देश दिए कि 15 मार्च तक अनिवार्य रूप से बूट कटाई पूर्ण कर ली जाए। साथ ही प्रत्येक संग्राहक परिवार कम से कम 500 गड्डी तेंदूपत्ता का संग्रहण सुनिश्चित करे, ताकि उन्हें लघु वनोपज संघ द्वारा संचालित बीमा और छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ मिल सके। उप वनमंडलाधिकारी ने गर्मी के मौसम में जंगलों को आग से बचाने के लिए विभाग और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयासों पर बल दिया।
कार्यशाला में उप प्रबंध संचालक राजनांदगांव, परिक्षेत्र अधिकारी, डिप्टी रेंज ऑफिसर, बीट रेंज ऑफिसर, लघु वनोपज समिति प्रबंधक, फंड मुंशी सहित 250 से अधिक संग्राहक उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के माध्यम से संग्राहकों को वैज्ञानिक जानकारी देकर बेहतर उत्पादन और आय वृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।

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