मोहला मानपुर वनांचल क्षेत्रों में प्रशासन के विकास और स्वास्थ्य दावों की पोल खोलती एक मर्मांतक तस्वीर सामने आई है। मानपुर के नवाटोला (खैरकट्टा) में एक 38 वर्षीय आदिवासी युवक, कृष्णा मंडावी, पिछले 8 महीनों से खाट पर पड़े-पड़े अपनी मौत का इंतजार कर रहा था। गरीबी, बीमारी और अपनों के साथ छोड़ देने की त्रासदी झेल रहे इस युवक के लिए मोहला-मानपुर विधायक इंद्रशाह मंडावी एक उम्मीद की किरण बनकर पहुंचे।
###कंकाल बन चुका शरीर, नियति की दोहरी मार
कृष्णा मंडावी केवल बीपी और शुगर जैसी बीमारियों से ग्रसित है, लेकिन उचित इलाज न मिलने के कारण उसका शरीर हड्डियों के ढांचे में तब्दील हो चुका है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा हुआ है; कृष्णा के पिता दशरु मंडावी के तीन बेटों में से दो की पहले ही असामयिक मृत्यु हो चुकी है। एक बेटा सड़क दुर्घटना का शिकार हुआ, जिसकी बीमा राशि आज तक परिवार को नहीं मिली। हद तो तब हो गई जब बीमारी की हालत में कृष्णा की पत्नी भी उसे छोड़कर चली गई। अब वृद्ध पिता दशरु मंडावी ही बीमार बेटे और उसके तीन मासूम बच्चों की देखभाल कर रहे हैं।
### विधायक की संवेदनशीलता: खुद स्ट्रेचर उठाकर पहुंचाया एम्बुलेंस तक
जैसे ही विधायक इंद्रशाह मंडावी को बशीर खान के माध्यम से इस बदहाली की सूचना मिली, वे तुरंत नवाटोला पहुंचे। विधायक ने न केवल परिवार को सांत्वना दी, बल्कि तत्काल खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. गिरीश खोबरागढ़े को फोन कर स्वास्थ्य टीम के साथ बुलाया।
संवेदनशीलता का परिचय देते हुए विधायक तब तक गांव में रुके रहे जब तक एम्बुलेंस नहीं आ गई। पगडंडी रास्ता होने के कारण एम्बुलेंस घर तक नहीं पहुंच सकती थी, ऐसे में विधायक ने खुद युवाओं के साथ मिलकर कृष्णा को स्ट्रेचर पर उठाया और ऊबड़-खाबड़ रास्तों से होते हुए एम्बुलेंस तक पहुंचाया। उन्होंने अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों को गहन जांच और उचित इलाज के निर्देश दिए और परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता भी प्रदान की।
### विकास के दावों की खुली पोल: नाले का पानी पीने को मजबूर परिवार
यह मामला जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। जिला बने तीन साल बीत जाने के बाद भी दशरु मंडावी का परिवार आज भी "नाले का पानी" पीने को मजबूर है। घर के पास न तो कोई बोरिंग है और न ही नल कनेक्शन। स्वास्थ्य विभाग का अमला भी महीनों से इस जर्जर हालत में पड़े मरीज तक नहीं पहुंच पाया था, जो 'धरातल पर जीरो' की हकीकत बयां करता है।
### आधिकारिक कथन
"नवाटोला में सूचना मिलते ही मैं पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा। कृष्णा को शुगर और बीपी की समस्या है। बीएमओ से बात कर उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दशरु जी से मेरे पुराने पारिवारिक संबंध हैं, उनकी हर संभव मदद की जाएगी।"—इंद्रशाह मंडावी, विधायक (मोहला-मानपुर)
"विधायक महोदय के निर्देश पर हम 108 एम्बुलेंस के साथ पहुंचे। पहुँच मार्ग कठिन होने के बावजूद मरीज को सुरक्षित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर लाया गया है। यहाँ उनका इलाज शुरू कर दिया गया है।"—डॉ. गिरीश खोबरागढ़े, बीएमओ (मानपुर)
सहयोग में रहे सक्रिय:
इस मानवीय पहल में विधायक के साथ दिनेश शाह मंडावी, बशीर खान, देवानंद कौशिक, ऋषभ ठाकुर और स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। अब देखना यह है कि विधायक के इस हस्तक्षेप के बाद क्या इस परिवार को स्वच्छ पेयजल और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं मिल पाएंगी?
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