राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं संकट के समय जरूरतमंदों के लिए संबल बन रही हैं। इसका जीवंत उदाहरण विकासखंड अंबागढ़ चौकी के ग्राम सोनसायटोला में देखने को मिला, जहां मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना ने एक शोकाकुल परिवार को आर्थिक सहारा प्रदान किया।
ग्राम सोनसायटोला निवासी स्वर्गीय धनवंतीन बाई अपने परिवार की आजीविका के लिए निर्माण श्रमिक के रूप में कार्यरत थीं। सीमित संसाधनों के बावजूद वे छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत थीं, ताकि भविष्य में किसी आपात स्थिति में उनके परिवार को सुरक्षा मिल सके। दुर्भाग्यवश उनके आकस्मिक निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और आर्थिक संकट गहरा गया।
ऐसे कठिन समय में श्रम विभाग के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना परिवार के लिए आशा की किरण बनकर सामने आई। योजना के तहत स्व. धनवंतीन बाई के वैध उत्तराधिकारी अक्तूराम साहू को 1 लाख रुपये की सहायता राशि सीधे डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से उनके बैंक खाते में प्रदान की गई। इस सहायता से परिवार को तत्काल राहत मिली और दैनिक जरूरतों को पूरा करने में सहयोग प्राप्त हुआ।
अक्तूराम साहू ने बताया कि यह राशि उनके लिए केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि सरकार की संवेदनशीलता और निर्माण श्रमिकों के प्रति सुरक्षा की भावना का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी पत्नी पंजीकृत श्रमिक न होतीं, तो इस कठिन समय में परिवार को यह महत्वपूर्ण सहारा नहीं मिल पाता।
श्रम विभाग द्वारा संचालित योजनाएं जरूरतमंद श्रमिक परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं। पंचायत स्तर पर आयोजित पंजीयन एवं नवीनीकरण शिविर श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि संकट की घड़ी में श्रमिक परिवारों को आत्मविश्वास, सम्मान और आगे बढ़ने की शक्ति भी देती है।
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