प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत जिले में निर्धारित वृहद आवास निर्माण लक्ष्य एवं बड़ी संख्या में स्वीकृत आवासों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के उद्देश्य से शासन द्वारा स्थानीय युवाओं को राजमिस्त्री प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। कलेक्टर तुलिका प्रजापति एवं जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी भारती चंद्राकर ने जिले के आम नागरिकों, युवक-युवतियों एवं महिलाओं से इस योजना का लाभ उठाने की अपील की है।
हितग्राहियों से चर्चा के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में कुशल राजमिस्त्रियों की कमी की समस्या सामने आने पर यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। कलेक्टर ने बताया कि जिले में इस वर्ष जिला खनिज न्यास मद से जनपद पंचायत मानपुर के मदनवाड़ा एवं सीतागांव में 25-25 प्रशिक्षुओं को तथा जनपद पंचायत मोहला के सांगली, मड़ियानवाड़ी, राणाटोला एवं मंडावीटोला में 25-25 प्रशिक्षुओं को राजमिस्त्री प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इसी प्रकार जनपद पंचायत मोहला के देवरसुर में RSETI के माध्यम से 35 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया गया है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के अकुशल व्यक्तियों को आवश्यक तकनीकी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर उन्हें कुशल राजमिस्त्री के रूप में तैयार किया गया है। वर्तमान में सभी प्रशिक्षित राजमिस्त्री प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास निर्माण कार्यों में सक्रिय रूप से संलग्न हैं, जिससे जिले में आवास निर्माण की गति एवं गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। प्रशिक्षण के पश्चात प्रशिक्षुओं को नियमित रोजगार प्राप्त हुआ है, जिससे उनकी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
प्रशिक्षित राजमिस्त्रियों गैंदलाल यादव, श्रवण साहू एवं सोमलाल (निवासी–सांगली) ने बताया कि प्रशिक्षण से पूर्व उन्हें निर्माण कार्यों में मजदूरी के रूप में प्रतिदिन 200 से 250 रुपये की आय होती थी, जबकि प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद राजमिस्त्री के रूप में कार्य मिलने से उनकी दैनिक आय 500 से 600 रुपये तक हो गई है। उन्होंने निःशुल्क राजमिस्त्री प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
कलेक्टर प्रजापति ने आगे जानकारी दी कि योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर राजमिस्त्री प्रशिक्षण के लिए प्रत्येक 4 से 5 ग्राम पंचायतों से 25-25 युवाओं एवं महिलाओं का एक बैच तैयार किया जाएगा। चयनित प्रतिभागियों को आवास निर्माण से संबंधित सभी आवश्यक तकनीकी, सुरक्षा एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे कुशल एवं दक्ष राजमिस्त्री बन सकें।
इस योजना के अंतर्गत जिले के इच्छुक युवक, युवतियां एवं महिलाएं अपने संबंधित जनपद पंचायत कार्यालय में जाकर पंजीयन करा सकते हैं। प्रशिक्षण पूर्ण होने के पश्चात प्रतिभागियों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे, साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास निर्माण कार्यों में भी तेजी आएगी।
कलेक्टर ने कहा कि यह पहल न केवल स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि जिले में आवास निर्माण की गुणवत्ता, गति एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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