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राष्ट्रीय पेसा दिवस पर चुप्पी क्यों? मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में आदेशों का नहीं दिखा असर

NBPNEWS/मोहला | विशेष रिपोर्ट, 22 दिसंबर 2025
भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा जारी निर्देश के अनुसार 24 दिसंबर 2025 को राष्ट्रीय पेसा दिवस के अवसर पर अनुसूचित क्षेत्रों के ग्रामों में विशेष ग्राम सभा आयोजित किए जाने हैं।इस संबंध में राज्य के समस्त कलेक्टरों को पत्र जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि पेसा अधिनियम एवं नियमों के प्रति जनजागरूकता फैलाने हेतु विशेष ग्राम सभाओं, प्रचार सामग्री एवं जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए।
लेकिन आश्चर्यजनक रूप से मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में अब तक कलेक्टर कार्यालय की ओर से न तो कोई औपचारिक सर्कुलेशन जारी किया गया है और न ही ग्राम पंचायतों में किसी प्रकार का प्रचार-प्रसार प्रारंभ हुआ है। इससे यह प्रश्न उठ रहा है कि क्या जिले में शासन के स्पष्ट आदेशों की अवहेलना की जा रही है?
सरकार के निर्देशों में यह स्पष्ट उल्लेख है कि पेसा कानून के तहत ग्राम सभाओं की भूमिका, अधिकार और शक्तियों की जानकारी ग्रामीणों तक पहुँचाई जाए। इसके लिए वीडियो, पंपलेट, पोस्टर, बैनर, दीवार लेखन और सूचना-संचार तकनीक के माध्यम से व्यापक प्रचार किया जाना अनिवार्य है। साथ ही राजस्व, वन, पुलिस एवं खनिज विभाग के अधिकारियों के लिए भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय जानकारों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यदि समय रहते प्रचार-प्रसार नहीं किया गया तो राष्ट्रीय पेसा दिवस केवल कागज़ी औपचारिकता बनकर रह जाएगा। इससे न केवल पेसा कानून के उद्देश्यों को नुकसान पहुँचेगा, बल्कि आदिवासी समुदायों को उनके संवैधानिक अधिकारों की जानकारी मिलने से भी रोका जाएगा।
प्रश्न यह भी उठता है कि क्या यह लापरवाही पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन में बाधा नहीं है? और क्या शासन के आदेशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है?

अब देखना यह है कि 24 दिसंबर से पहले जिला प्रशासन जागता है या फिर राष्ट्रीय पेसा दिवस बिना किसी वास्तविक सहभागिता और जागरूकता के औपचारिकता बनकर रह जाएगा।

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