लिपिक कर्मचारी संघ जिला मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी द्वारा लिपिक कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर एकदिवसीय जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिले भर से लिपिक संघ के जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान लिपिक वर्ग को लंबे समय से हो रही परेशानियों, वेतन विसंगतियों और पदोन्नति से जुड़े विषयों पर गंभीर चर्चा की गई।
बैठक में संघ द्वारा शासन के समक्ष रखी जाने वाली 6 सूत्रीय प्रमुख मांगों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। संघ पदाधिकारियों ने बताया कि वर्षों से कार्यालयीन कार्यों की रीढ़ माने जाने वाले लिपिक कर्मचारी आज भी अनेक विसंगतियों और भेदभाव का सामना कर रहे हैं।
वेतन विसंगति बनी सबसे बड़ी समस्या
संघ ने बताया कि विभिन्न विभागों में कार्यरत लिपिक कर्मचारियों के वेतन में वर्षों से विसंगति बनी हुई है। उदाहरण देते हुए कहा गया कि राजस्व विभाग में कार्यरत पटवारी एवं वाहन चालक, जिनका वेतन पहले लिपिकों के समान था, आज लिपिक वर्ग से अधिक वेतन प्राप्त कर रहे हैं। इससे लिपिक कर्मचारियों में गहरा असंतोष व्याप्त है।
2014 के बाद नियुक्त लिपिकों की समस्या
संघ ने यह भी बताया कि वर्ष 2014 के बाद नियुक्त लिपिक कर्मचारियों की आज तक कोई विभागीय कौशल परीक्षा नहीं ली गई। यदि इन कर्मचारियों ने स्वयं वार्षिक वेतन वृद्धि न लगाई होती, तो आज भी उनका वेतन ₹19,500 पर ही सीमित रहता। वर्ष 2024 में कौशल परीक्षा आयोजित किए जाने के बाद अब पूर्व में दी गई वेतन वृद्धि की रिकवरी की आशंका बनी हुई है। संघ ने स्पष्ट मांग की कि ऐसे लिपिकों से किसी भी प्रकार की रिकवरी न की जाए तथा 2024 के बाद नियमित रूप से आयोजित छःमाही कौशल परीक्षा में उत्तीर्ण लिपिकों को नियुक्ति तिथि से वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ दिया जाए।
न्यूनतम योग्यता में संशोधन की मांग
संघ ने लिपिक नियुक्ति में पीजीडीसीए/डीसीए की अनिवार्यता को लेकर भी प्रश्न उठाया। संघ का कहना है कि जब कौशल परीक्षा के बिना लिपिकों को कुशल श्रेणी में नहीं गिना जाता, तो ऐसे में पीजीडीसीए/डीसीए जैसे कोर्स की बाध्यता समाप्त की जाए अथवा इन कोर्स को करने वाले कर्मचारियों को कौशल परीक्षा से छूट दी जाए।
कुशल लिपिक सम्मान की मांग
संघ ने राज्य एवं जिला स्तर पर “कुशल लिपिक सम्मान” दिए जाने की भी मांग रखी। संघ का कहना है कि जिस प्रकार शिक्षकों को सर्वोच्च शिक्षक सम्मान दिया जाता है, उसी तरह उत्कृष्ट कार्य करने वाले लिपिक कर्मचारियों को सम्मानित कर उनका मनोबल बढ़ाया जाना चाहिए।
शिक्षा विभाग में पदोन्नति का अवसर
बैठक में शिक्षा विभाग में कार्यरत लिपिक वर्ग के लिए भी विशेष मांग रखी गई। संघ ने मांग की कि जिस प्रकार शिक्षकों को शासन स्तर पर बीएड/डीएड कराया जाता है, उसी प्रकार लिपिक संवर्ग को भी यह अवसर दिया जाए तथा उन्हें पदोन्नति के माध्यम से शिक्षक बनने हेतु आरक्षण प्रदान किया जाए।
संविदा लिपिकों के नियमितिकरण की मांग
संविदा पर कार्यरत लिपिक कर्मचारियों के संबंध में संघ ने मांग की कि विभागीय स्तर पर कौशल अथवा लिखित परीक्षा आयोजित कर उनकी ग्रेडिंग की जाए और इसके आधार पर नियमितिकरण का लाभ दिया जाए।
आंदोलन की चेतावनी
बैठक के अंत में लिपिक कर्मचारी संघ ने स्पष्ट किया कि यदि शासन द्वारा उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले समय में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। संघ ने कहा कि लिपिकों के हितों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अपने अधिकारों के लिए संगठन एकजुट होकर संघर्ष करेगा।
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