NBPNEWS/मोहला,06 दिसंबर 2025। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए धान खरीदी प्रक्रिया को सुचारू बनाने जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शासन के निर्देशानुसार इस वर्ष धान खरीदी के लिए भारत सरकार के कृषि मंत्रालय द्वारा विकसित एग्रीस्टेक पोर्टल पर किसान पंजीयन अनिवार्य किया गया है। इसी कड़ी में मोहला जिले में एग्रीस्टेक पोर्टल में छूटे हुए खसरों को जोड़ने के लिए 6 दिसंबर से 15 दिसंबर तक सभी धान उपार्जन केंद्रों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे।
वर्तमान में एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीकृत किसानों के वे खसरे, जो पहले यूनिफाइड फार्मर पोर्टल में दर्ज थे, कैरी–फॉरवर्ड तो हो गए हैं, लेकिन कई खसरे अभी तक एग्रीस्टेक पोर्टल में फार्मर आईडी से लिंक नहीं हुए हैं। इससे किसानों को धान विक्रय के समय असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। जिले में फिलहाल कुल 6,264 खसरे लंबित हैं, जिन्हें तत्काल एग्रीस्टेक में लिंक किए जाने की जरूरत है।
6 से 15 दिसंबर तक लगाए जाएंगे शिविर
कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने जिले के सभी समितियों और धान उपार्जन केंद्रों को 6 दिसंबर से 15 दिसंबर तक शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसानों के छूटे हुए खसरों को समय पर यूएफआर (Unified Farmer Registry) के माध्यम से एग्रीस्टेक पोर्टल में जोड़ा जा सके।
कलेक्टर की किसानों से अपील
कलेक्टर ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित अवधि में अपने नजदीकी धान उपार्जन केंद्र पहुंचकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित हों और अपने छूटे हुए खसरे तुरंत जुड़वाएं। इससे धान बिक्री प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।
इन दस्तावेजों के साथ उपस्थित हों किसान
- आधार कार्ड
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर
- बी-1 खसरा
- ऋण पुस्तिका/भूमि विवरण दस्तावेज
जिला प्रशासन का कहना है कि खसरों के लिंक होने के बाद सभी किसानों के खेतों का विवरण समिति स्तर पर उपलब्ध होगा, जिससे धान खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सुगम बन सकेगी।
एग्रीस्टेक पोर्टल पर चल रहा यह विशेष अभियान जिले के किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, ताकि वे बिना किसी परेशानी के धान विक्रय कर सकें।
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