NBP NEWS/ राजनांदगांव, 14 जुलाई 2026 शिक्षा के क्षेत्र में चार दशक तक अपनी कर्मनिष्ठा, ईमानदारी और समर्पण से अलग पहचान बनाने वाले पंडित तुलसी प्रसाद मिश्रा शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला, चिरचारीकला (छुरिया) के प्राचार्य सुरजभान उर्वशा को सेवानिवृत्ति के उपलक्ष्य में भावभीनी विदाई दी गई। 31 मार्च 2026 को शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद उनके सम्मान में 11 जुलाई 2026 को विद्यालय परिसर में गरिमामय विदाई समारोह आयोजित किया गया।
ग्राम लेडीजोब (कौड़ीकसा) निवासी श्री उर्वशा ने अपनी शासकीय सेवा की शुरुआत 8 फरवरी 1984 को मानपुर विकासखंड के दुर्गम और वनांचल क्षेत्र कोंडे से की थी। उस समय क्षेत्र में आवागमन और संसाधनों की भारी कमी थी, लेकिन उन्होंने कठिन परिस्थितियों के बीच भी अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन किया और शिक्षा की अलख जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
करीब 40 वर्षों के सेवाकाल में श्री उर्वशा ने अनुशासन, सादगी, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक सोच के साथ हजारों विद्यार्थियों का भविष्य संवारने का कार्य किया। वे केवल विद्यार्थियों के ही नहीं, बल्कि संकुल के शिक्षकों और विद्यालय स्टाफ के भी प्रेरणास्रोत रहे। परिवार की जिम्मेदारियों के साथ उन्होंने शिक्षा विभाग के प्रति अपने दायित्वों का भी पूरी निष्ठा से पालन किया।
विदाई समारोह में क्षेत्र के विधायक भोला राम साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने श्री उर्वशा के चार दशक के अमूल्य योगदान को याद करते हुए उन्हें सम्मानित किया तथा उनके स्वस्थ, सुखद और दीर्घायु जीवन की कामना की।
समारोह का सबसे भावुक पल तब देखने को मिला, जब अपने प्रिय गुरु और मार्गदर्शक को विदाई देते समय कई विद्यार्थियों की आंखें नम हो गईं। यह दृश्य उनके प्रति विद्यार्थियों और समाज के गहरे सम्मान, स्नेह और आत्मीयता का प्रतीक बन गया।
अपने लंबे शिक्षकीय जीवन से सुरजभान उर्वशा ने यह साबित किया कि एक सच्चा शिक्षक केवल पुस्तकीय ज्ञान ही नहीं देता, बल्कि अपने संस्कार, ईमानदारी, अनुशासन और आचरण से पीढ़ियों का भविष्य भी गढ़ता है। उनका जीवन और कार्य आने वाली पीढ़ियों के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
0 टिप्पणियाँ