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मोहला में डायरिया का कहर, दो दिन में नौ मरीज भर्ती – तीन की हालत गंभीर, किए गए रेफर

NBPNEWS/, 2 अक्टूबर 2025
मोहला नगर में डायरिया का प्रकोप बढ़ने लगा है। जानकारी के अनुसार मोहला के यादव पारा क्षेत्र से लगातार मरीज सामने आ रहे हैं। बीते दो दिनों में कुल नौ मरीज अस्पताल में भर्ती किए गए, जिनमें से तीन की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें रेफर किया गया है।
मंगलवार शाम को जहां 2 मरीज भर्ती हुए थे, वहीं बुधवार सुबह तक चार और मरीज सामने आए। इसके बाद स्थिति गंभीर देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है।
बीएमओ मोहला सीमा ठाकुर ने बताया कि जैसे ही डायरिया के मरीज मंगलवार को आने शुरू हुए, बुधवार की सुबह से मितानिनों की टीम को सर्वे के लिए भेजा गया। मोहला के वार्ड क्रमांक 8, 9 और 10 के 153 घरों का सर्वे किया गया, लेकिन इनमें से किसी भी घर में डायरिया का मरीज नहीं मिला। सर्वे का कार्य गुरुवार को भी जारी रहेगा।
वहीं, बीएमओ ने पीएचई विभाग को पानी की जांच के निर्देश दिए गए हैं ताकि बीमारी के स्रोत का पता लगाया जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से उबालकर पानी पीने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की अपील की है।
आपको बता दे कि मोहला में गंदे पानी की सप्लाई से डायरिया फैलने की आशंका बढ़ी, पूर्व में भी बारिश में घर घर तक गंदे पानी जा रही थी, जिसे ग्राम पंचायत और पी एच ई की टीम ने सुधारा था।
ग्राम पंचायत मोहला में थाना के सामने वाले समवेल पुराने होने और अत्यधिक बारिश से बारिश का पानी रिस कर अंदर जा रहा है, जिससे गंदे पानी की सप्लाई की आशंका से नकारा नहीं जा सकता है।

मोहला ग्राम पंचायत सरपंच गजेंद्र पुरामे ने बताया कि पाइपलान कही से फटा नहीं है, समवेल जो पुलिस थाने के सामने है वहां समस्या है किंतु पी एच ई के माध्यम से समय समय पर क्लोरिनकरण किया जा रहा है। बारिश के बाद समवेल को तोड़कर नया बनाया जाएगा ।
 फिलहाल स्वास्थ्य अमला स्थिति पर नजर बनाए हुए है और गांव में डायरिया फैलने की आशंका को रोकने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है।

सवाल...
क्या समय रहते सम वेल को दुरुस्त नहीं किया जा सकता था?

गर्मी में बारिश से पहले क्या ग्राम पंचायत मोहला ने सर्वे कर सभी पाइपलाइन और समवेल को चेक किए होंगे?

भूतपूर्व सरपंच आसबाई के कार्यकाल में निर्मित हुए समवेल को समय रहते नया क्यों नहीं बनाया गया ?

क्या दूरदृष्टी की कमी थी, या बारिश ज्यादा होने से पंचायत को गड़बड़ी का पता चल पाया?



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