NBPNEWS/मोहला , 09 सितंबर 2025। छत्तीसगढ़ कृषि स्नातक शासकीय कृषि अधिकारी संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर राज्य शासन का ध्यान आकर्षित किया है। संघ सांकेतिक रूप से काला फीता लगाकर विरोध कर रहा है,संघ ने एक विस्तृत पत्र जारी कर ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों एवं कृषि विकास अधिकारियों की समस्याओं और मांगों को रेखांकित किया है।
संघ की मुख्य मांगों में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों का वेतनमान संशोधन (4300 ग्रेड पे), पदोन्नति एवं कार्यभार का पुनर्मूल्यांकन, मासिक स्थायी यात्रा भत्ता (फिक्स टी.ए.) में ₹2500 की वृद्धि, विभागीय कार्य संचालन हेतु मोबाइल, इंटरनेट, लैपटॉप और स्टेशनरी की सुविधा शामिल हैं।
इसके साथ ही संघ ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य की अधिकता के बावजूद मानवीय संसाधनों की कमी है, जिससे कार्यभार असंतुलित रूप से बढ़ा हुआ है। इस वजह से कृषि अधिकारियों को मनरेगा, खाद्य सुरक्षा, छात्रवृत्ति वितरण, डिजिटल शॉप सर्वे, धान उपार्जन केंद्र, मिड-डे मील, आयुष्मान कार्ड सहित अनेक अतिरिक्त जिम्मेदारियों का निर्वहन करना पड़ता है।
संघ ने मांग की है कि कृषि विस्तार अधिकारियों के पदों का संविलियन कर मध्यप्रदेश शासन की तर्ज पर कृषि विकास अधिकारी बनाया जाए। साथ ही कई वर्षों से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को तत्काल शुरू करने की आवश्यकता है।
संघ ने यह भी कहा कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे आंदोलन करने पर विवश होंगे।
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