जिले के अं चौकी विकासखंड के ग्राम नीचेकोहड़ा में पिछले एक सप्ताह से जारी बिजली संकट से त्रस्त ग्रामीणों का सब्र आखिरकार टूट गया। शुक्रवार देर शाम भारी मूसलाधार बारिश के बीच बड़ी संख्या में महिला-पुरुष ग्रामीण कौड़ीकसा सब स्टेशन पहुंचे और पावर हाउस का घेराव कर दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और घंटों तक सब स्टेशन के बाहर डटे रहे।
नवरात्र पर अंधेरे में धार्मिक आयोजन
ग्रामीणों ने बताया कि नवरात्र के पावन अवसर पर गांव में भागवत पुराण और अन्य धार्मिक आयोजन जारी हैं, लेकिन बिजली आपूर्ति ठप रहने से गांव अंधेरे में डूबा हुआ है। इसके साथ ही बिजली नहीं होने से पेयजल आपूर्ति भी बाधित है। लगातार शिकायत के बावजूद समाधान न होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने सब स्टेशन का घेराव करने का फैसला लिया।
पुलिस पहुंची मौके पर
ग्रामीणों के प्रदर्शन की सूचना मिलते ही अंबागढ़ चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। हालांकि, ग्रामीणों का कहना था कि जब तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
कर्मचारियों को हटाने की मांग
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कौड़ीकसा विद्युत विभाग में वर्षों से जमे कर्मचारी लापरवाही बरत रहे हैं, जिनकी कार्यप्रणाली से पूरा वनांचल क्षेत्र परेशान है। सरपंच रोशनी कोमा, उप सरपंच सुजानिक निर्मलकर, मूलचंद पिस्दा, यशवंत पिस्दा, देवप्रसाद भूआर्य, बेदराम यादव, छबिलाल पिस्दा, बल्दुराम भारद्वाज, रतिराम नायक, रामेंद्र निर्मलकर, युवराज नायक समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने मांग की कि वर्षों से पदस्थ कर्मचारियों को तत्काल हटाया जाए।
अफसर पदस्थापना स्थल पर नहीं रहते
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कौड़ीकसा सब स्टेशन में पदस्थ सब इंजीनियर यहां निवास नहीं करते, बल्कि बाहर से ही कामकाज देखते हैं। सब स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने या समस्या सुनने के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं होता, जिससे आम जनता की परेशानी और बढ़ जाती है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही बिजली आपूर्ति नियमित नहीं हुई और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं आया तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
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