जिले के अंबागढ़ चौकी थाना क्षेत्र में मंगलवार की रात उस वक्त माहौल गरमा गया जब एक महिला के किराए के मकान में उसके पति सहित भीड़ ने धावा बोला। मामला अवैध संबंध के आरोपों से जुड़ा बताया जा रहा है। इस घटना के बाद पुलिस की मौजूदगी में महिला और गोंड समाज महासभा के संभागीय सचिव कुमार कोरेटी को थाने लाया गया। वहीं महिला ने अब 23 लोगों पर छेड़छाड़ और मारपीट का गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
पति मनोज कोरेटी के आरोप
महिला के पति मनोज कोरेटी ने मीडिया को बताया कि शादी के बाद से ही पत्नी का व्यवहार सही नहीं था और वह अन्य पुरुषों से संबंध रखती थी। इस वजह से समाज के बीच मामला गया और तलाक भी हुआ। जिसे उसकी पत्नी स्वीकार नहीं करती है। बच्चों और परिवार के खातिर मै दूसरी शादी कर रहा था जिसे महिला ने पुलिस थाना में शिकायत कर रुकवाया की पत्नी के रहते एक पुरुष दूसरी शादी कैसे कर सकता है, उनका कहना है कि पत्नी ने दूसरी शादी रुकवाकर उन्हें मानसिक प्रताड़ना दी।
मनोज कोरेटी ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी के किराए के मकान पर लंबे समय से कुमार कोरेटी की गाड़ी खड़ी देखी गई है। मंगलवार की रात जब मौका मिला तो समाज के लोगों के साथ पहुंचकर उन्होंने दोनों को एक कमरे से पुलिस के साथ पकड़े हैं।
महिला का बयान
महिला ने मीडिया को बताया कि वह बीते कई दिनों से बीमार थी। दवाई और गैस सिलेंडर खत्म होने पर उसने, अपने जीजा कुमार कोरेटी को बुलाया। वे रात करीब आठ बजे दवाई और सामान लेकर आए और खाना खाया। इसके बाद अचानक 25-30 लोग, जिनमें उसका पति भी शामिल था, दरवाजा खटखटाने लगे और हुड़दंग करने लगे।
महिला का कहना है कि डर की वजह से उसने दरवाजा नहीं खोला। करीब 11:30 बजे जब पुलिस पहुंची तब दरवाजा खोला गया। महिला का आरोप है कि भीड़ में शामिल लोग उसके घर में घुसे, वीडियो बनाए और उसके साथ छेड़छाड़ की। पुलिस की मौजूदगी में ही उसके जीजा के साथ मारपीट हुई और दोनों को पैदल थाना ले जाया गया।
महिला ने यह भी कहा कि उसके पति ने उस पर अवैध संबंधों का झूठा आरोप लगाया है जबकि वह पिछले तीन साल से तलाक लेके पति से अलग रह रही है। उसने कहा कि इस पूरे मामले में उसकी और उसके जीजा की छवि खराब करने की साजिश की गई है।
कुमार कोरेटी का पक्ष
कुमार कोरेटी ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वे गोंड समाज महासभा के सचिव और जिला कांग्रेस के एसटी सेल के अध्यक्ष हैं(24.09.2025 दिन बुधवार को प्रसारित न्यूज में उक्त व्यक्ति को विधायक प्रतिनिधि बताया गया था, वो जिस भी पोस्ट व न्यूज में है ,NBP न्यूज भूल के लिए क्षमप्रार्थी है - कुमार कोरेटी विधायक प्रतिनिधि नहीं है)। 23 सितंबर को महिला की तबीयत खराब होने पर बुलाया था। उन्होंने महिला को अस्पताल ले जाकर इलाज करवाई। रात को खाना खाने के बाद अचानक भीड़ आ गई और दरवाजा पीटने लगी।
पुलिस की मौजूदगी में भी उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें थाने ले जाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब उन्हें बदनाम करने और समाज में फूट डालने की साजिश है।
समाज का बयान
गोंड समाज के मोहन हिड़को ने कहा कि महिला गोंड समाज से है जबकि उसका पति नागवंशी गोंड समाज से है। इसी वजह से षड्यंत्र रचकर सचिव कुमार कोरेटी को बदनाम किया गया। उन्होंने बताया कि महिला बीमार थी और मदद के लिए जीजा को बुलाया था, इसमें अवैध संबंध जैसी कोई बात नहीं है।
थाने में महिला की शिकायत
गुरुवार की शाम महिला ने अंबागढ़ चौकी थाना में लिखित शिकायत देकर 23 लोगों पर छेड़छाड़ और मारपीट का आरोप लगाया है।
भीड़ ने घर को घेरकर दरवाजा खटखटाना और लात मारना शुरू कर दिया। महिला का आरोप है कि लोग धमकियां देते हुए कह रहे थे – “आज तुझे जान से मारना है।” इस दौरान वे लाठी-डंडे से लैस थे। करीब दो घंटे तक हंगामा करने के बाद रात 11:30 बजे पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा खुलवाया। महिला का आरोप है कि रातभर उसे थाने में रखा गया, दबाव डालकर हस्ताक्षर करवाए गए और अपमानित किया गया।
महिला ने आवेदन में लिखा है कि:
पुलिस के दरवाजा खुलते ही भीड़ ने उसके जीजा कुमार कोरेटी को लाठी-डंडों से पीटा।
उसके साथ छेड़छाड़ की गई और शरीर के निजी अंगों को छुआ गया।
पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन उसने भीड़ का साथ दिया।
भीड़ ने दोनों को पैदल मारते-पीटते थाना ले जाया और रास्ते में भी अश्लील हरकतें कीं।
थाना परिसर में भी उनके खिलाफ अश्लील नारेबाजी हुई।
रातभर थाने में बैठाकर दबाव में हस्ताक्षर करवाए गए।
सुबह 10 बजे उसे छोड़ा गया, जबकि कुमार कोरेटी को गिरफ्तार कर बाद में जमानत पर रिहा किया गया।
शिकायत में जिन लोगों के नाम शामिल हैं उनमें संजीत ठाकुर, रमेश हिडामें, ललित सलामे, दरोगा राम नेताम, चिंताराम सलामे, नंदलाल कोरेटी, राजेंद्र नेताम, प्रकाश सलामे, सुमन मंडावी, रमेश आचला, रूपत घावड़े, मनोज कोरेटी सहित कुल 23 नाम शामिल हैं। महिला ने यहां तक आरोप लगाया है कि घटना स्थल पर कवरेज करने पहुंचे दो पत्रकार भी शामिल रहे।
पुलिस की भूमिका पर सवाल
महिला ने अपने आवेदन में पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने कहा कि पुलिस ने भीड़ का सहयोग किया, उसकी बात दबाई और अभिरक्षा में प्रताड़ित किया।
महिला के लिखित शिकायत से कई सवाल खड़े हुए..
दरवाजा पुलिस की मौजूदगी में खोला गया ।
अगर लाठी डंडे के साथ घर को घेरा गया था, तो पुलिस को महिला या संभागीय सचिव ने फोन कर मदद क्यों नहीं मांगी।
जबकि पुलिस उसके पति मनोज के शिकायत उपरांत पहुंची थी।
छत्तीसकिला न्यूज को दिए बयान में पुलिस के समक्ष छेड़खानी, डंडे लेकर आना जैसे और रैली में महिला को भी लेकर जाना इसका जिक्र नहीं करना संदेह पैदा करता है।
जबकि उक्त महिला को महिला पुलिस अपने साथ स्कूटी में लेकर थाना ले गई थी।
क्या महिला पर कोई दबाव था जो घटना के लगभग 36 घंटे बाद छेड़छाड़ का शिकायत करवाई।
वही पत्रकारों द्वारा खबर नहीं रोके जाने से गुस्साई महिला ने उन पर भी गंभीर आरोप लगाया है।
निष्कर्ष
मामला अब केवल पारिवारिक विवाद तक सीमित नहीं रहा, दो गुट के सामाजिक लड़ाई ने अलग ही रूप ले लिया है। एक तरफ अवैध संबंध का आरोप दूसरी तरफ जीजा ने निभाई अस्पताल ले जाकर अपनी जिम्मेदारी अब मामला थाने तक पहुंच गया है। इसपर जांच उपरांत ही कुछ कहना उचित होगा।
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