Ticker

6/recent/ticker-posts

Ad Code

विकासखंड शिक्षा अधिकारी को फंसाने की साजिश बेनकाब, शिक्षिका के आरोप निकले बेबुनियाद

मोहला, 21 सितंबर 2025।
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में विकासखंड शिक्षा अधिकारी मानपुर (BEO) एस आर कौर को फंसाने की एक साजिश का पर्दाफाश हुआ है। विभागीय जांच में यह मामला पूरी तरह निराधार और फर्जी पाया गया है।
दरअसल, ग्राम पेन्दूर कन्या आश्रम एवं प्री-मैट्रिक छात्रावास खड़गांव में अधीक्षिका पदस्थ शिक्षिका आशा सिन्हा ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी ए.आर. कौर के खिलाफ गंभीर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में छात्राओं और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के हस्ताक्षर भी शामिल कराए गए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने जिला शिक्षा अधिकारी, सहायक आयुक्त और अन्य अधिकारियों की जांच समिति गठित की। जांच के बाद समिति ने शिक्षिका के आरोपों को बेबुनियाद और तथ्यहीन करार दिया।
छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ ने भी इस मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित शिक्षिका के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की मांग की है। संघ ने कहा कि शिक्षिका आशा सिन्हा का युक्तियुक्तिकरण प्राथमिक शाला हथरा में हुआ था, लेकिन वह आश्रम व छात्रावास की अधीक्षिका का पद छोड़ना नहीं चाहती थीं। इसी कारण उन्होंने झूठा मामला गढ़कर छात्राओं और कर्मचारियों को धोखे में रखा।
संजय कुर्रे सहायक आयुक्त ट्राइबल विभाग ने जांच के बारे में बताया कि मानपुर बीईओ के खिलाफ लगे आरोप बेबुनियाद है ऐसी कोई घटना नहीं घाटी थी। जांच रिपोर्ट जिला कलेक्टर को भेजा जा चुका है।
जिला शिक्षा अधिकारी फत्तेराम कोसरिया ने बताया कि जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है और उनके निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

एक आदिवासी विकासखंड शिक्षा अधिकारी को फसाने में संलिप्त शिक्षिका पर क्या जिला प्रशासन कोई उचित कार्यवाही कर पाएगी या यह मामला भी जिले के अन्य मामलों की तरह दबा रह जाएगा।

पूर्व में इंग्लिश मीडियम फ्लावर वैली इंग्लिश मीडियम स्कूल भारीटोला पर जांच उपरांत कार्यवाही शून्य डीईओ ने दबाया मामला नहीं हुआ पब्लिक...

रानाटोला नहर नाली निर्माण में भ्रष्टाचार में भी जांच और कार्यवाही पब्लिक नहीं हुई ...

बिना परीक्षा-इंटरव्यू, सिर्फ फर्जी लेटर से पाई सरकारी नौकरी: मोहला जिले में फर्जीवाड़े से 9 लोग बने सरकारी कर्मचारी - आरोप 5 अगस्त को लगे थे लगभग 2 माह बीतने को है आखिर कब होगी जांच पूरी...

ऐसे मामलों को दबा कर प्रशासन असंवैधानिक तरीकों को बढ़ावा दे रही है।


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ