NBPNEWS/मोहला,16 सितंबर 2025 । छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ की 10 सूत्रीय मांगों को लेकर चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल सोमवार को 29वें दिन भी जारी रही। इस दौरान जिला MMAC में कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए राज्यपाल को पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी।
सरकार पर आरोप – “नजरअंदाज कर रही मांगें”
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रही है, जिसके चलते कर्मचारियों में गहरा आक्रोश है। उनकी प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, ग्रेड पे, अनुकंपा नियुक्ति, 27% वेतन वृद्धि, निष्कासित कर्मचारियों की बहाली और अन्य सुविधाओं का निराकरण शामिल हैं।
“इच्छा मृत्यु के अलावा कोई रास्ता नहीं”
धरना स्थल पर संबोधित करते हुए संघ के जिला अध्यक्ष ने कहा,
"हम 29 दिनों से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। सरकार हमारी सुध नहीं ले रही है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि अब इच्छा मृत्यु के अलावा हमारे पास कोई और विकल्प नहीं बचा है।"
स्वास्थ्य सेवाओं पर असर
लगातार चल रही इस हड़ताल के कारण प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। अस्पतालों में मरीजों को इलाज के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
आंदोलन और तेज करने की चेतावनी
एनएचएम कर्मचारी संघ ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तो आंदोलन को और व्यापक और तेज किया जाएगा।
यह खबर न सिर्फ प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की जटिल स्थिति को उजागर करती है, बल्कि कर्मचारियों की निराशा और सरकार पर बढ़ते दबाव को भी सामने रखती है।
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