NBPNEWS/मोहला-मानपुर, 25 सितंबर 2025। जिले में एकदिवसीय दौरे पर पहुंचे सांसद संतोष पाण्डेय से बीते मंगलवार को ट्यूटर शिक्षकों ने मुलाकात कर अपनी समस्या रखी। शिक्षकों ने सांसद को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि जिला प्रशासन को तत्काल निर्देश दिया जाए, जिससे उनकी सेवाएं फिर से स्कूलों में बहाल हो सकें। उनका कहना था कि सेवाएं बंद होना न केवल उनके परिवार के लिए संकट है बल्कि ग्रामीण अंचलों के बच्चों की शिक्षा पर भी सीधा प्रहार है।
150 ट्यूटर शिक्षक बेरोजगार
गौरतलब है कि मोहला-मानपुर-चौकी क्षेत्र की एकल-शिक्षकीय शालाओं में शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए सत्र 2023-24 से जिला प्रशासन ने 150 ट्यूटर शिक्षकों की नियुक्ति की थी। इनकी बदौलत पिछले दो वर्षों से शिक्षा व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो रही थी। लेकिन नए शैक्षणिक सत्र 2025-26 में जिला प्रशासन ने पुनर्नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी नहीं की, जिससे 150 ट्यूटर शिक्षक बेरोजगार हो गए।
शिक्षा व्यवस्था पर असर
ग्रामीण अंचलों की कई शालाएं पहले से ही एकल-शिक्षकीय हैं। ट्यूटर शिक्षकों की नियुक्ति से बच्चों को नियमित पढ़ाई का अवसर मिल रहा था और परीक्षा परिणाम भी सुधरे थे। अब पुनर्नियुक्ति न होने से अध्यापन व्यवस्था प्रभावित हो गई है। कई स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई अधर में लटक गई है।
पालकों की चिंता, शिक्षकों की मांग
पालक और ग्रामीण लगातार प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि ट्यूटर शिक्षकों की सेवाएं तत्काल जारी की जाएं। वहीं शिक्षकों का कहना है कि यदि उन्हें पुनः नियुक्त नहीं किया गया तो शिक्षा व्यवस्था चरमराने के साथ-साथ उनकी आजीविका पर भी संकट गहराएगा।
शिक्षा व्यवस्था को स्थिर करने की अपील
ट्यूटर शिक्षकों ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा जैसी मूलभूत व्यवस्था को प्रशासन हल्के में न ले। उन्होंने सांसद से उम्मीद जताई कि उनकी गुहार को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन को पुनर्नियुक्ति का निर्देश दिलाया जाएगा।
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