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प्रयास में चयनित विद्यार्थियों से कुर्सी मांगने का आरोप, टीसी के बदले कथित वसूली से गरमाया मामला


NBP NEWS/ मोहला | 16 सितंबर 2026

जिला मुख्यालय मोहला स्थित पीएम श्री आत्मानंद स्कूल की प्राचार्या सीमा वर्मा को लेकर सामने आ रहे कथित वसूली और विद्यालय प्रबंधन से जुड़े आरोपों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्व में एडमिशन के नाम पर विद्यार्थियों से कथित रूप से कुर्सी, टेबल, पंखा, कॉपियर शीट और चटाई जैसी सामग्री की मांग किए जाने के आरोपों के बाद अब प्रयास आवासीय विद्यालय में चयनित विद्यार्थियों से भी कथित तौर पर कुर्सी की मांग किए जाने का मामला सामने आया है।

मामले को लेकर परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों ने विद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रयास में चयनित विद्यार्थियों से कुर्सी मांगने का आरोप

परिजनों के अनुसार, विद्यालय के कुछ विद्यार्थी मेहनत और चयन परीक्षा के माध्यम से प्रयास विद्यालय में चयनित हुए हैं। विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए प्रयास विद्यालय में प्रवेश लेना था और इसी प्रक्रिया के दौरान उन्हें अपने पूर्व विद्यालय से टीसी की आवश्यकता थी।

आरोप है कि टीसी लेने के दौरान प्राचार्या सीमा वर्मा द्वारा विद्यार्थियों से कुर्सी देने की मांग की गई। परिजनों का कहना है कि जिस प्रकार की कुर्सी की मांग की जा रही थी, उसकी कीमत अधिक थी। ऐसे में परिजनों ने सामूहिक रूप से सभी पालकों के माध्यम से राशि अथवा सामग्री उपलब्ध कराने का आग्रह किया।

हालांकि, आरोप के मुताबिक सामूहिक रूप से देने की बात पर सहमति नहीं बनी और प्राचार्या द्वारा कथित तौर पर व्यक्तिगत रूप से पैसे देने की बात कही गई।

परिजनों के मुताबिक, विद्यार्थियों को टीसी की आवश्यकता होने के कारण यह स्थिति उनके लिए असहज थी। हालांकि, फिलहाल संबंधित सभी विद्यार्थी प्रयास विद्यालय में अध्ययनरत हैं।

कुर्सी से लेकर पंखा और चटाई तक की मांग के आरोप

यह मामला सामने आने के बाद विद्यालय में विद्यार्थियों से कथित रूप से विभिन्न प्रकार की सामग्री मांगने के आरोप फिर चर्चा में आ गए हैं।

आरोप लगाया जा रहा है कि विद्यार्थियों से कुर्सी, टेबल, पंखा, कॉपियर शीट और चटाई जैसी सामग्री की मांग की गई। गंभीर आरोप यह भी है कि विद्यार्थियों या उनके परिजनों से सामग्री अथवा राशि लेने के बाद संबंधित सामान का बिल तैयार कराकर सरकारी राशि से उसका भुगतान अथवा आहरण किए जाने की कोशिश की जाती है।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

जिला भाजपा महामंत्री है पालक समिति के अध्यक्ष
पी एम श्री स्वामी आत्मानंद स्कूल मोहला में पालक समिति के बतौर अध्यक्ष पद पर जिला भाजपा महामंत्री अनिल गुप्ता है, बावजूद विद्यालय में कर्मचारियों द्वारा घुस रूपी वस्तुएं मांगी जा रही है। कही न कही भाजपा सरकार की छवि धूमिल हो रही है। अध्यक्ष के जिम्मेदारी को लेकर भी बाजार में चर्चाएं तेज हो चुकी है। 

खबर के बाद हरकत में आया शिक्षा विभाग

विद्यालय में कथित वसूली के आरोपों को लेकर प्रमुखता से खबर सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर चुके हैं।

अब जांच के दौरान विद्यार्थियों और उनके पालकों से लिए गए बयान, विद्यालय के रिकॉर्ड, खरीद-बिक्री से संबंधित दस्तावेज, बिल-वाउचर तथा विद्यालय में उपलब्ध सामग्री की स्थिति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विद्यार्थियों से वास्तव में किसी प्रकार की राशि अथवा सामग्री की मांग की गई थी या नहीं और यदि मांग की गई थी तो उसका उद्देश्य क्या था।

पीएम श्री स्कूल में व्यवस्थाओं पर भी उठ चुके हैं सवाल

पीएम श्री आत्मानंद स्कूल मोहला की प्राचार्या सीमा वर्मा की कार्यप्रणाली को लेकर इससे पहले भी सवाल उठते रहे हैं। विद्यालय परिसर की व्यवस्थाओं और विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़ी एक घटना ने भी स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।

बताया गया कि पहली कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा अंशिका रंगारी स्कूल परिसर में किचन शेड के पास स्थित एक गहरे गड्ढे में गिर गई थी। आरोप है कि यह गड्ढा करीब पांच फीट गहरा था और उसमें भोजन का वेस्ट तथा गंदा पानी जमा था।

बारिश के दौरान गड्ढे में पानी भरने और उसका ऊपरी हिस्सा खुला होने के कारण बच्ची खेलते समय उसमें गिर गई। गड्ढा गहरा होने के कारण बच्ची के डूबने की स्थिति बन गई थी। पास में खेल रहे अन्य बच्चों ने घटना की जानकारी कर्मचारियों को दी, जिसके बाद भोजन बनाने वाले कर्मचारियों की मदद से बच्ची को बाहर निकाला गया।

इस घटना के बाद बच्ची काफी डर गई थी और परिजनों के अनुसार वह कई दिनों तक स्कूल भी नहीं गई।

इस घटना ने विद्यालय परिसर में बच्चों की सुरक्षा और खुले गड्ढों को लेकर प्रबंधन की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े किए थे।

प्रधानमंत्री के नाम से जुड़े विद्यालय में आरोपों ने बढ़ाई चिंता

पीएम श्री योजना के तहत संचालित विद्यालयों का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। ऐसे में यदि इसी प्रकार के विद्यालय में विद्यार्थियों अथवा उनके परिजनों से कथित तौर पर सामग्री या पैसे की मांग किए जाने के आरोप सामने आते हैं, तो यह गंभीर प्रशासनिक विषय बन जाता है।

एक ओर देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान
 की तैयारियां की जा रही हैं, वहीं जिला मुख्यालय के पीएम श्री विद्यालय से कथित वसूली के आरोप सामने आना प्रधानमंत्री के नाम को धूमिल कर था है।

हालांकि, इन आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी और किसी भी व्यक्ति को जांच पूरी होने से पहले दोषी ठहराया जाना उचित नहीं होगा।

जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

फिलहाल जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जांच शुरू किए जाने के बाद विद्यार्थियों और पालकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।

सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रयास में चयनित विद्यार्थियों से टीसी देने के बदले वास्तव में कुर्सी अथवा राशि की मांग की गई थी?

साथ ही, विद्यार्थियों से कुर्सी, टेबल, पंखा, कॉपियर शीट और चटाई जैसी सामग्री लिए जाने के आरोपों में कितनी सच्चाई है और यदि ऐसी सामग्री ली गई तो उसका उपयोग तथा भुगतान किस मद से किया गया—इन सभी बिंदुओं की जांच से ही स्थिति स्पष्ट होगी।

संबंधितों का जल्द पक्ष भी लिया जाएगा।

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