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73 बच्चों पर सिर्फ 2 शिक्षक! कुंवारदल्ली स्कूल में तालाबंदी की चेतावनी | Chhattisgarh News

NBP NEWS | मोहला, 29 जुलाई 2026
जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के विकासखंड मोहला अंतर्गत ग्राम कुंवारदल्ली में शासकीय प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर बुधवार को ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया। ग्रामीण विद्यालय में तालाबंदी करने पहुंचे थे, लेकिन सूचना मिलते ही प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने करीब 50 मिनट तक ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद तालाबंदी फिलहाल टल गई और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने से बच गई।
73 बच्चों पर सिर्फ दो शिक्षकों की जिम्मेदारी

ग्रामीणों ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय में 73 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जबकि विद्यालय में केवल दो शिक्षक पदस्थ हैं। इनमें एक प्रधान पाठक हैं और दूसरी शिक्षिका आदिवासी कन्या आश्रम की अधीक्षिका हैं। आश्रम और स्कूल अलग-अलग भवनों में संचालित होने के कारण अधीक्षिका को आश्रम की जिम्मेदारियों के साथ-साथ स्कूल में भी शिक्षण कार्य करना पड़ता है। इससे बच्चों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

कई बार प्रशासन से लगाई गुहार

ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षक की कमी को लेकर वे कई बार कलेक्टर, एसडीएम, जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी तथा सहायक आयुक्त को ज्ञापन और आवेदन सौंप चुके हैं। इसके बावजूद अब तक अतिरिक्त शिक्षकों की व्यवस्था नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने स्कूल में तालाबंदी का निर्णय लिया था।

प्रशासन की समझाइश के बाद टला आंदोलन

तालाबंदी की सूचना मिलते ही जिला शिक्षा अधिकारी वाई. डी. साहू सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ लगभग 50 मिनट तक चर्चा कर उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया। आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने फिलहाल अपना आंदोलन स्थगित कर दिया और स्कूल में पढ़ाई सामान्य रूप से जारी रही।

एक सप्ताह का अल्टीमेटम

बैठक के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन को एक सप्ताह का समय दिया है। उनका कहना है कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर अतिरिक्त शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे दोबारा आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली किसी भी परिस्थिति की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

मीडिया के सामने नहीं आए जिला शिक्षा अधिकारी

घटनास्थल पर मौजूद मीडिया ने जिला शिक्षा अधिकारी वाई. डी. साहू से इस मामले में प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने कैमरे के सामने कोई बयान नहीं दिया। ग्रामीणों का कहना है कि अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि एक सप्ताह के भीतर शिक्षकों की व्यवस्था की जाती है या फिर कुंवारदल्ली में आंदोलन और तेज होता है।

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