दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित लाठीचार्ज और आँसू गैस के इस्तेमाल के विरोध में अब मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में भी विद्यार्थियों को एकजुट करने की पहल की जा रही है। नीट एंट्रेंस एग्जाम में हुए फर्जीवाड़ा के जिम्मेदारों पर कठोर कार्यवाही सहित शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाने और जिम्मेदार अधिकारियों तक विद्यार्थियों की आवाज़ पहुँचाने के उद्देश्य से 24 जुलाई (शुक्रवार) को "शिक्षा बचाओ रैली" का आयोजन किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार, यह रैली केवल दिल्ली की घटना के विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि जिले के स्कूलों और कॉलेजों में लंबे समय से बनी हुई शैक्षणिक समस्याओं को भी सामने लाने का प्रयास है। उनका कहना है कि जिले के कई शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की कमी, पाठ्यपुस्तकों का अभाव, छात्रवृत्ति वितरण में देरी, शौचालय एवं साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी, जर्जर भवन और अन्य समस्याएँ विद्यार्थियों की पढ़ाई को प्रभावित कर रही हैं।
आयोजकों ने जिले के सभी स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों से अपील की है कि यदि उनके संस्थान में शिक्षा से जुड़ी किसी भी प्रकार की समस्या है, तो उसकी जानकारी साझा करें ताकि संबंधित मुद्दों को संकलित कर जिला प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रपति तथा अन्य संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाया जा सके।
जानकारी के अनुसार, विद्यार्थी अपनी समस्याएँ सोशल मीडिया पोस्ट पर कमेंट, इंस्टाग्राम संदेश अथवा व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से भी साझा कर सकते हैं।
शांति तरीके से3 रैली का आयोजन 24 जुलाई (शुक्रवार) सुबह 11:00 बजे मोहला बस स्टैंड से किया जाएगा। यहाँ से विद्यार्थी और युवा "शिक्षा बचाओ रैली" के रूप में कलेक्टर कार्यालय तक मार्च करेंगे। आयोजकों ने जिले के अधिक से अधिक विद्यार्थियों, युवाओं और अभिभावकों से इसमें शामिल होकर शिक्षा के मुद्दों पर अपनी सहभागिता दर्ज कराने की अपील की है।
इस अभियान के तहत सोशल मीडिया पर भी व्यापक जनजागरूकता चलाने की योजना है। विद्यार्थियों से अपील की गई है कि वे रैली के समर्थन में वीडियो बनाएं, व्हाट्सएप स्टेटस लगाएं, पोस्ट, स्टोरी, रील और अन्य रचनात्मक माध्यमों से अधिक से अधिक लोगों तक संदेश पहुँचाएँ तथा अपने मित्रों और गाँव के युवाओं को भी इस अभियान से जोड़ें।
अभियान के दौरान "मैं भी पलटन" और "शिक्षा को बचाना है, शुक्रवार को मोहला जाना है" जैसे नारों के साथ विद्यार्थियों से एकजुट होकर शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज़ बुलंद करने का आह्वान किया गया है।
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