नवीन शिक्षा सत्र 2026-27 की शुरुआत 16 जून से हो गई है। शिक्षा सत्र के पहले ही दिन विकासखंड शिक्षा अधिकारी मोहला राजेंद्र कुमार देवांगन एवं विकासखंड स्त्रोत समन्वयक पीलालाल देशमुख ने दूरस्थ अंचलों के विभिन्न विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कुछ विद्यालयों में लापरवाही सामने आई, जबकि कई स्कूलों में बेहतर तैयारी और व्यवस्थाओं के लिए शिक्षकों की सराहना भी की गई।
निरीक्षण के दौरान प्राथमिक शाला अड़मागोंदी में शिक्षक निर्धारित समय से विलंब से उपस्थित पाए गए। विद्यालय में नए शिक्षा सत्र के लिए किसी प्रकार की तैयारी नहीं की गई थी। बालक पंजी में विद्यार्थियों के नाम दर्ज नहीं थे और न ही नवीन प्रवेश की कोई व्यवस्था दिखाई दी। इसी प्रकार पूर्व माध्यमिक शाला अड़मागोंदी में समय सारणी तैयार नहीं की गई थी तथा विद्यार्थियों को अंकसूची एवं स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) का वितरण भी नहीं किया गया था।
वहीं प्राथमिक शाला केसला में भी आवश्यक दस्तावेजों का संधारण अधूरा पाया गया। विद्यालय परिसर की साफ-सफाई भी संतोषजनक नहीं थी। निरीक्षण के दौरान एक शिक्षक बिना स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित मिले। इन सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
दूसरी ओर प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला मटेवा परसू टोला तथा प्राथमिक शाला दुगाटोला मटेवा में व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। शिक्षकों द्वारा विद्यालय खुलने से पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। प्राथमिक शाला दुगाटोला मटेवा में पालकों द्वारा विद्यार्थियों के स्वागत के लिए न्योता भोजन का आयोजन भी किया गया, जिसकी अधिकारियों ने सराहना की।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी राजेंद्र कुमार देवांगन ने कहा कि विद्यालयों में अध्ययन-अध्यापन कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी शिक्षकों को समयबद्ध तरीके से अभिलेखों का संधारण, विद्यालय संचालन तथा विद्यार्थियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिकायत मिलने पर संबंधितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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