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फुलकोड़ो में पेयजल संकट गहराया: सोलर टैंक बेकार, ग्रामीण मटमैला पानी पीने को मजबूर

NBP NEWS/ मानपुर, 04 मई 2026
विकासखंड मानपुर के ग्राम पंचायत फुलकोड़ो (चोरिया पारा) में पेयजल की समस्या लगातार गंभीर बनी हुई है। गांव में स्थापित सोलर ड्यूल टैंक और हैंडपंप व्यवस्था होने के बावजूद ग्रामीणों को साफ पानी नसीब नहीं हो रहा है। प्रशासन के “हर घर जल” के दावे यहां खोखले नजर आ रहे हैं।
घर-घर नहीं पहुंचा सोलर टैंक का पानी

करीब 500 से अधिक आबादी वाले फुलकोड़ो में तीन सोलर ड्यूल टैंक लगाए गए हैं, लेकिन अब तक इन्हें मुख्य पाइपलाइन से नहीं जोड़ा गया है। नतीजतन, घरों तक नल के जरिए पानी पहुंचाने की योजना अधूरी पड़ी है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले में क्रेडा और पीएचई विभाग के बीच समन्वय की कमी साफ दिखाई देती है, जिससे काम अटका हुआ है।

टैंक में सिल्ट जमा, गंदा पानी ही सहारा

गांव के एक सोलर टैंक में पिछले एक महीने से सिल्ट जमा है, जिससे पीले रंग का मटमैला पानी निकल रहा है। ग्रामीण किशन बोगा के अनुसार, जलस्तर कम होने के कारण पंप के जरिए मिट्टी टैंक में पहुंच जाती है और वहीं जमा हो जाती है। हालात इतने खराब हैं कि गांव के युवाओं को खुद टंकी में चढ़कर सफाई करनी पड़ी, जो जोखिम भरा काम है।
पांच हैंडपंप खराब, सुधार के बाद मिली राहत

गांव के कई वार्ड (9, 10, 11, 12) में बोरिंग और हैंडपंप खराब पड़े थे। जनपद उपाध्यक्ष देवानंद कौशिक की पहल पर पीएचई विभाग ने मैकेनिक भेजकर चार हैंडपंपों में पाइप बढ़ाने का काम किया, जिससे फिलहाल पानी की समस्या में कुछ राहत मिली है।

विभागों में तालमेल की कमी

ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि क्रेडा और पीएचई विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहते हैं। ठेकेदार पर जिम्मेदारी तय कर मामले को टाल दिया जाता है, जबकि जमीनी स्तर पर समस्या जस की तस बनी रहती है।

जनपद सदस्य बृजबती धुर्वे ने बताया कि गंदा पानी आने से ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है और कई बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
अधिकारियों का पक्ष

पीएचई के एसडीओ एपी शर्मा ने बताया कि जलस्तर कम होने के कारण समस्या उत्पन्न हुई थी। जनपद उपाध्यक्ष की सूचना पर तुरंत पाइप भिजवाकर हैंडपंपों में सुधार कराया गया है, जिससे पानी की व्यवस्था में सुधार होगा।

फुलकोड़ो में जल जीवन मिशन की जमीनी हकीकत चिंताजनक है। सोलर टैंक होने के बावजूद घर-घर पानी नहीं पहुंच पा रहा है और ग्रामीण गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। विभागों के बीच समन्वय की कमी और लापरवाही के कारण समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया है।

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