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धान के बदले अन्य फसल लेने वाले किसानों को योजनाओं से जोड़ने के निर्देश - कलेक्टर

NBP NEWS/ मोहला, 12 मार्च 2026। 
कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में जिले के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत भारती चंद्राकर, अपर कलेक्टर मिथलेश डोंडे सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में कलेक्टर प्रजापति ने कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि धान के स्थान पर अन्य फसल लेने वाले किसानों को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे किसानों को माइक्रो इरिगेशन, ड्रिप सिंचाई सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं से लाभान्वित किया जाए। साथ ही आगामी फसल परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।
पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कृत्रिम गर्भाधान की संख्या बढ़ाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने को कहा, ताकि विभाग की प्रगति में अपेक्षित सुधार हो सके। इसके लिए उन्होंने पशु सखी और एआई वर्कर को संयुक्त रूप से कार्य करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया। उन्होंने चिकित्सकों एवं अन्य मानव संसाधनों की कमी को दूर करने के लिए योजना तैयार करने को कहा। साथ ही लो बर्थ वेट शिशुओं के मामलों में स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग को समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने पेयजल व्यवस्था की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने पेयजल विहीन आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र एवं अन्य शासकीय भवनों में जल्द से जल्द पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने हाउसिंग बोर्ड के अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में कलेक्टर ने जिले के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए सभी विभागों को आगामी एक वर्षीय और पंचवर्षीय कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही जन-शिकायतों के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर आवेदनों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।
इसके अलावा उन्होंने आत्मसमर्पित नक्सलियों और प्रभावित परिवारों को विभागीय योजनाओं से लाभान्वित करने के निर्देशों के पालन की भी समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए।

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