छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के अंतर्गत संचालित “सुरक्षित पारा, सुरक्षित लइकामन 3.0” कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय कार्यशाला एवं राज्य स्तरीय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग एवं यूनिसेफ छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें राज्यभर से कार्यक्रम अधिकारी एवं स्वयंसेवक शामिल हुए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा उपस्थित रहे। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारथी दासन, आयुक्त डॉ. संतोष देवांगन, क्षेत्रीय निदेशक एनएसएस भोपाल अशोक श्रोती, यूनिसेफ विशेषज्ञ अभिषेक सिंह, बाल संरक्षण विशेषज्ञ चेतना देसाई तथा राज्य समन्वयक डॉ. नीता बाजपेई की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यशाला के दौरान “सुरक्षित पारा, सुरक्षित लइकामन 3.0” कार्यक्रम की उपलब्धियों, अनुभवों और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। यह अभियान राज्य के सात जिलों की 120 ग्राम पंचायतों में संचालित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य बाल संरक्षण, स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और सुरक्षित वातावरण के प्रति समुदाय में जागरूकता बढ़ाना है।
इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्यक्रम अधिकारियों और स्वयंसेवकों को सम्मानित किया गया। जिला राजनांदगांव एवं मोहला-मानपुर क्षेत्र से श्रीमती नीलम चतुर्वेदानी (शासकीय नेहरू पी.जी. कॉलेज डोंगरगढ़) और नूतन कुमार भुआर्य (शासकीय लाल श्याम शाह महाविद्यालय मानपुर) को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान प्रदान किया गया।
इसी क्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवकों में अरविंद सोनवानी (शासकीय लाल श्याम शाह महाविद्यालय मोहला), तेजेश्वरी, दिव्या वर्मा और आकाश बोरकर को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय तिवारी, कुलसचिव डॉ. भूपेंद्र कुलदीप, कार्यक्रम समन्वयक जैनेन्द्र दिवान, जिला संगठक मोनिका दास तथा महाविद्यालय के कार्यक्रम अधिकारी जी.पी. चंद्रवंशी ने सभी सम्मानित प्रतिभागियों को बधाई और शुभकामनाएँ दीं।
यह कार्यक्रम राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों में सामाजिक दायित्व और सेवा भावना को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ बाल संरक्षण और सुरक्षित समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
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