साहू समाज की अधिष्ठात्री देवी भक्त माता कर्मा की जयंती के अवसर पर क्षेत्र में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण देखा गया। इस अवसर पर क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिक एवं शिक्षक मक्खन साहू ने माता कर्मा के जीवन और उनके आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए समाज को प्रेरणादायक संदेश दिया।
मक्खन साहू ने अपने विशेष आलेख में बताया कि माता कर्मा की भक्ति अत्यंत निष्कलुष और सच्ची थी। उनकी भक्ति की महिमा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि माता कर्मा की श्रद्धा से प्रसन्न होकर स्वयं भगवान जगन्नाथ ने उनके हाथों से बनाई गई खिचड़ी का भोग स्वीकार किया था। यह प्रसंग इस बात का प्रतीक है कि ईश्वर सच्चे भाव और श्रद्धा के भूखे होते हैं, आडंबर और दिखावे के नहीं।
उन्होंने कहा कि माता कर्मा का जीवन त्याग, सेवा और सादगी का अनुपम उदाहरण है। उनके जीवन से हमें यह सीख मिलती है कि सच्ची भक्ति और मानव सेवा ही जीवन का सबसे बड़ा धर्म है। समाज में आपसी प्रेम, सहयोग और संगठन की भावना को मजबूत करने के लिए माता कर्मा के आदर्श आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने पहले थे।
मक्खन साहू ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को माता कर्मा के दिखाए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है, जिससे समाज में सद्भाव, सेवा और एकता की भावना मजबूत हो सके। उन्होंने कहा कि माता कर्मा का जीवन हमें सादगी, निस्वार्थ सेवा और ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास रखने की प्रेरणा देता है।
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