समाज कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा दिव्यांगजनों के लिए संचालित निःशुल्क कृत्रिम हाथ (बायोनिक हैंड) वितरण कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के दो हितग्राहियों को चयनित किया गया है। इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना और उनके दैनिक जीवन को सुगम करना है।
ग्राम सोनसायटोला, विकासखंड अंबागढ़ चौकी निवासी भोमन साहू (पिता कुशाल साहू) को बैटरी संचालित बायोनिक हाथ प्रदान किया गया है। वर्ष 1990 में जन्मे भोमन साहू का जीवन एक दुर्घटना के बाद पूरी तरह बदल गया था। करंट की चपेट में आने से उनका एक हाथ काटना पड़ा, जिसके बाद दैनिक कार्य करना भी उनके लिए चुनौती बन गया था।
समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित शिविर में उन्हें उन्नत तकनीक से युक्त बायोनिक हाथ उपलब्ध कराया गया। कृत्रिम हाथ मिलने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। अब वे अपने कई दैनिक कार्य स्वयं कर पा रहे हैं और पहले की तुलना में अधिक आत्मविश्वास महसूस कर रहे हैं।
भोमन साहू ने कहा, “दुर्घटना के बाद लगा था कि जीवन बहुत कठिन हो जाएगा, लेकिन बायोनिक हाथ मिलने से मुझे फिर से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। मैं शासन और समाज कल्याण विभाग का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।”
इसी कार्यक्रम के अंतर्गत दूसरे चयनित हितग्राही रतिराम कुंजाम भी हैं। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उनकी कोहनी के ऊपर बायोनिक हाथ की फिटिंग की गई। विशेषज्ञों के अनुसार बायोनिक फिटिंग के लिए हाथ के ऊपरी हिस्से में आवश्यक मूवमेंट और मांसपेशीय नियंत्रण होना जरूरी होता है, ताकि उपकरण सुचारु रूप से कार्य कर सके।
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