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आत्मानंद स्कूल में 100 उठक-बैठक प्रकरण पर क्लीन चिट, इधर व्याख्याता पर महिला उत्पीड़न की तीसरी शिकायत

NBP NEWS/अंबागढ़ चौकी,27 फरवरी 2026। जिले के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में 10वीं के छात्र को कथित तौर पर 100 बार उठक-बैठक कराने के मामले में विभागीय जांच ने संबंधित शिक्षिकाओं को क्लीन चिट दे दी है। वहीं दूसरी ओर, उसी स्कूल के भौतिक शास्त्र के व्याख्याता सुशील चौरसिया के खिलाफ महिला उत्पीड़न की एक और शिकायत थाने पहुंचने से मामला और गरमा गया है।

100 उठक-बैठक और बिगड़ी छात्र की तबीयत

बताया जा रहा है कि करीब एक माह पूर्व 10वीं कक्षा के एक छात्र को अनुशासनात्मक कार्रवाई के नाम पर 100 बार उठक-बैठक कराई गई। परिजनों के अनुसार, इसके बाद छात्र की तबीयत बिगड़ गई और शरीर में ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित हुआ। अंबागढ़ चौकी, राजनांदगांव और रायपुर के निजी अस्पतालों में इलाज के बाद छात्र वर्तमान में कठिन परिस्थितियों में परीक्षा दे रहा है।

इस मामले की जांच विकासखंड शिक्षा अधिकारी की टीम द्वारा की गई, जिसमें घटना को नकारते हुए संबंधित दो शिक्षिकाओं को निर्दोष बताया गया।
महिला उत्पीड़न के आरोपों में तीसरी शिकायत

इसी स्कूल के व्याख्याता सुशील चौरसिया के खिलाफ पहले एक प्रधान पाठिका और एक सहायक ग्रेड-3 महिला कर्मचारी द्वारा मानसिक प्रताड़ना, दुर्व्यवहार और हरासमेंट के आरोप लगाए गए थे। अब तीसरी महिला व्याख्याता, जो विशाखा समिति की सदस्य भी बताई जा रही हैं, ने भी कलेक्टर, एसपी, जिला शिक्षा अधिकारी और अंबागढ़ चौकी थाने में लिखित शिकायत प्रस्तुत की है।
नई शिकायत में आरोप लगाए गए हैं कि:

मानसिक प्रताड़ना और धमकी दी गई, जांच में क्लीन चिट देने के लिए दबाव बनाया गया, विशाखा समिति की प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई

जांच के लिए कई टीमों का गठन

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से मामले की जांच के लिए दो विशाखा समितियों सहित आधा दर्जन जांच टीमों को निर्देश जारी किए गए हैं। हालांकि सूत्रों के अनुसार, कुछ अधिकारियों द्वारा जांच प्रक्रिया को लेकर असहमति जताते हुए विभाग को लिखित जवाब भी दिया गया है।
विभागीय कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

लगातार सामने आ रही शिकायतों और छात्र प्रकरण में क्लीन चिट दिए जाने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। अभिभावकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि छात्र की स्वास्थ्य स्थिति और महिला कर्मचारियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि व्याख्याता से जुड़े मामले की जांच रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत की जाएगी। अब सबकी नजर प्रशासन और पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी है।

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