छत्तीसगढ़ शासन के उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर जिले में संचालित विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रशासनिक समन्वय को सुदृढ़ करने तथा जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
पीएम आवास, मनरेगा और एनआरएलएम में तेजी लाने के निर्देश
जिला पंचायत विभाग की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री ने मनरेगा अंतर्गत स्वीकृत, प्रगतिरत एवं लंबित कार्यों की जानकारी ली। प्रधानमंत्री आवास योजना के लंबित प्रकरणों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को हितग्राहियों को प्रेरित कर आवास निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु उनके उत्पादों की प्रदर्शनी आयोजित करने, स्थानीय वनोपज के खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग एवं मार्केटिंग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही सीएलएफ मुख्यालय में महतारी सदन की स्वीकृति हेतु प्रस्ताव भेजने और रोजगारोन्मुखी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।
स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं को सुदृढ़ करने पर जोर
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री शर्मा ने जिला अस्पताल को शीघ्र प्रारंभ करने तथा दूरस्थ ग्राम पंचायतों में टेलीमेडिसिन सेवा के विस्तार हेतु कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना, ब्लड सैंपल संग्रहण, रेडक्रॉस गतिविधियां, डायलिसिस सेवा, टीबी मुक्त ग्राम पंचायत, दिव्यांग प्रमाण पत्र एवं सीएचसी ओपीडी की भी समीक्षा की।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा “हमर स्वस्थ लईका” कार्यक्रम के अंतर्गत संवर्धित टेक-होम राशन से बच्चों के पोषण स्तर में सुधार की जानकारी दी गई। मध्यम कुपोषित बच्चों एवं किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य-पोषण हेतु विशेष कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई।
उर्वरक आपूर्ति में लापरवाही पर सख्त रुख
कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान रबी फसलों के लिए उर्वरक की अनुपलब्धता पर उप मुख्यमंत्री ने गहरी नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को तत्काल समितियों में उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने मत्स्य विभाग को व्यक्तिगत स्तर पर हेचरी निर्माण हेतु हितग्राहियों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए, जिससे स्वरोजगार के अवसर सृजित हो सकें।
कानून व्यवस्था, जल जीवन मिशन और सिंचाई योजनाओं की समीक्षा
गृह विभाग की समीक्षा में नक्सल मूवमेंट, जुआ-सट्टा एवं अवैध गतिविधियों पर की गई कार्रवाई की जानकारी ली गई। स्कूलों में यातायात जागरूकता शिविरों की सराहना करते हुए उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने पर जोर दिया।
पीएचई विभाग को जल जीवन मिशन अंतर्गत कार्य पूर्ण कर पंचायतों को हैंडओवर करने तथा सिंचाई विभाग से स्वीकृत लघु एवं मध्यम बांधों की प्रगति की जानकारी ली गई।
परंपराओं के संरक्षण पर विशेष निर्देश
प्रभारी मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि जिला पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में आता है, ऐसे में पारंपरिक परंपराओं एवं सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रत्येक गांव के ठाकुर, मांझी, गायता, पटेल एवं कोटवार की सूची तैयार करने, पारंपरिक देव स्थलों का चिन्हांकन एवं दस्तावेजीकरण तथा बीट प्रणाली की समीक्षा कर व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए।
राजस्व एवं वन विभाग की समीक्षा
राजस्व विभाग की समीक्षा में अविवादित बटवारा एवं नामांतरण प्रकरणों में कमी लाने हेतु सचिवों को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए। वन विभाग द्वारा लाख उत्पादन एवं मछली पालन गतिविधियों की जानकारी दी गई।
बैठक में ये रहे उपस्थित
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह, उपाध्यक्ष भोजेश शाह मांडवी, जिला पंचायत सदस्य नरसिंह भंडारी, कलेक्टर तुलिका प्रजापति, पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह, जिला पंचायत सीईओ भारती चंद्राकर, अपर कलेक्टर जी.आर. मरकाम, अपर कलेक्टर मिथलेश डोंडे सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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