जिला कलेक्टर तूलिका प्रजापति की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, वन विभाग, क्रेडा, मत्स्य तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में मनरेगा अंतर्गत स्वीकृत 963 डबरियों के हितग्राहियों को विभिन्न विभागीय योजनाओं से लाभान्वित करने की कार्ययोजना की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी तरीके से लाभ वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, इन हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु विभागीय लक्ष्यों में अतिरिक्त लक्ष्य जोड़ने का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में निर्देशित किया गया कि मनरेगा से निर्मित आजीविका डबरियों से जुड़े सभी हितग्राहियों की सूची उपलब्ध कराई जाए, ताकि कृषि विभाग द्वारा दलहन एवं तिलहन फसल, उद्यानिकी विभाग द्वारा फलदार पौधे एवं सब्जी बीज, वन विभाग द्वारा बांस पौधों का वितरण, क्रेडा विभाग द्वारा अनुदान पर सोलर पंप तथा मत्स्य विभाग द्वारा मछली जाल एवं अनुदान पर मछली बीज प्रदान कर हितग्राहियों की आजीविका को सुदृढ़ किया जा सके। इसका उद्देश्य वनांचल क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए स्थानीय लोगों की आजीविका सुनिश्चित करना है।
डबरी निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए कलेक्टर ने जनपद के सभी टेक्निकल असिस्टेंट को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में Clartapp Inlet Silt Trap, न्यूनतम 3 मीटर गहराई तथा Berm का उपयोग अनिवार्य रूप से किया जाए। प्रत्येक डबरी एवं संरचना की सही स्थिति सुनिश्चित करने के लिए निर्माण के दौरान Clartapp का प्रयोग अनिवार्य होगा। साथ ही नियमित निरीक्षण और गुणवत्ता नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने कहा कि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव है जब डबरी निर्माण में निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन, नियमित निरीक्षण तथा सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए।
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