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UCC के खिलाफ ग्राम सभा का बड़ा संकल्प: आदिवासी समाज की परंपरा और Customary Law की रक्षा की मांग


 मरकाटोला ग्राम सभा में वन अधिकार, सार्वजनिक मैदान, अधूरे पानी ढोला और युवाओं के लिए गोटुल निर्माण का प्रस्ताव भी पारित

NBP NEWS | मोहला /, 09 अक्टूबर 2026।

ग्राम पंचायत मरकाटोला में 2 अक्टूबर 2026 को आयोजित ग्राम सभा में आदिवासी समाज से जुड़े संवैधानिक अधिकारों, परंपरागत सामाजिक व्यवस्था और गांव की मूलभूत जरूरतों को लेकर महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। ग्राम सभा में समान नागरिक संहिता (UCC) को अनुसूचित जनजातियों पर लागू नहीं किए जाने की मांग को लेकर संकल्प पारित किया गया। इसके साथ ही गांव में वन अधिकार, सार्वजनिक मैदान, अधूरे पानी ढोला को पूरा कराने तथा युवा-युवतियों के लिए गोटुल निर्माण जैसे स्थानीय मुद्दों को भी ग्राम सभा के समक्ष प्रमुखता से रखा गया।

ग्राम सभा में सामाजिक कार्यकर्ता कॉमरेड योगेश हुपुण्डी ने आदिवासी समाज के अधिकारों और गांव की आवश्यकताओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा केवल औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि ग्रामीणों और विशेष रूप से आदिवासी समाज के अधिकारों एवं विकास से जुड़े निर्णय लेने का महत्वपूर्ण मंच है।

UCC को लेकर ग्राम सभा ने पारित किया स्पष्ट संकल्प

ग्राम सभा में समान नागरिक संहिता को लेकर विस्तृत चर्चा और विचार-विमर्श के बाद संकल्प पारित किया गया कि छत्तीसगढ़ में UCC लागू नहीं किया जाना चाहिए।

ग्राम सभा ने अपने संकल्प में कहा कि अनुसूचित जनजातियों की अपनी विशिष्ट परंपरागत सामाजिक व्यवस्था, Customary Law ( रिति-रिवाज ) , संस्कृति और सामुदायिक संस्थाएं हैं। इन व्यवस्थाओं को संविधान के तहत विशेष संरक्षण प्राप्त है। ऐसे में संविधान के अनुच्छेद 244, पाँचवीं अनुसूची और PESA की भावना को ध्यान में रखते हुए अनुसूचित जनजातियों को UCC के दायरे से बाहर रखा जाना चाहिए।

ग्राम सभा ने यह भी मांग रखी कि यदि भविष्य में राज्य में UCC लागू किया जाता है, तो उसमें अनुसूचित जनजातियों को स्पष्ट रूप से बाहर रखने का प्रावधान किया जाए। साथ ही आदिवासी समाज से संबंधित किसी भी कानून या प्रावधान में बदलाव करने से पहले संबंधित ग्राम सभाओं और आदिवासी समुदायों से सार्थक एवं व्यापक परामर्श किया जाए।

वन अधिकार का मुद्दा भी उठा

ग्राम सभा में कॉमरेड योगेश हुपुण्डी ने वन अधिकार का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज का जंगल और जमीन से संबंध केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और पीढ़ियों से चला आ रहा जीवन संबंध है। इसलिए वन अधिकार कानून के तहत ग्रामीणों के अधिकारों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

गांव के लिए सार्वजनिक मैदान की मांग

ग्राम सभा में मरकाटोला में सार्वजनिक मैदान की आवश्यकता का मुद्दा भी रखा गया। ग्रामीणों के लिए खेलकूद, सामाजिक एवं सामुदायिक गतिविधियों के लिए एक व्यवस्थित सार्वजनिक मैदान की जरूरत को देखते हुए इसके लिए प्रस्ताव रखा गया। ग्राम सभा ने इस मांग को गांव के विकास से जोड़ते हुए प्राथमिकता देने की बात कही।

अधूरा पड़ा पानी ढोला पूरा कराने की मांग

मरकाटोला में लंबे समय से अधूरे पड़े पानी ढोला का निर्माण कार्य पूरा कराने का मुद्दा भी ग्राम सभा में प्रमुखता से उठाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि अधूरा कार्य पूरा होने से गांव की जल संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। ग्राम सभा ने संबंधित विभाग एवं प्रशासन से इस कार्य को जल्द पूरा कराने की मांग की।

युवा-युवतियों के लिए गोटुल का प्रस्ताव

ग्राम सभा में आदिवासी समाज की पारंपरिक सामुदायिक व्यवस्था और युवाओं की सामाजिक भागीदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से मरकाटोला में युवा-युवतियों के लिए गोटुल निर्माण का प्रस्ताव भी पारित किया गया।

ग्राम सभा में गोटुल को युवाओं के सामाजिक, सांस्कृतिक और सामुदायिक विकास के लिए महत्वपूर्ण स्थान के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। प्रस्ताव के माध्यम से गांव के युवा-युवतियों के लिए एक सामुदायिक मंच उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की गई है।

ग्राम सभा ने सरकार के सामने रखी अपनी बात

मरकाटोला ग्राम सभा में पारित संकल्प में केंद्र एवं राज्य सरकार से मांग की गई कि छत्तीसगढ़ में UCC लागू न किया जाए। यदि भविष्य में UCC लागू किया जाता है तो अनुसूचित जनजातियों की संवैधानिक एवं सांस्कृतिक विशिष्टता, पारंपरिक व्यवस्था और Customary Law को सुरक्षित रखते हुए उन्हें इसके दायरे से स्पष्ट रूप से बाहर रखा जाए।

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