मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में प्रशासन के सामने नई चुनौती, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों ने कलेक्टर को सौंपा पत्र
NBP NEWS | मोहला, 08 अक्टूबर 2026।
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में खरीफ फसल गिरदावरी को लेकर प्रशासन के सामने मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। राजस्व विभाग के मैदानी अमले के बाद अब कृषि विभाग के अधिकारियों और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों ने भी DCS/PV App के माध्यम से फसल गिरदावरी एवं भौतिक सत्यापन का कार्य करने में असमर्थता जताई है। इस संबंध में जिले के समस्त ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की ओर से 8 अक्टूबर को कलेक्टर एवं भू-अभिलेख शाखा को लिखित पत्र सौंपकर कृषि विभाग के मैदानी अमले को इस कार्य से पृथक रखने का अनुरोध किया गया है।
कृषि अधिकारियों ने सामूहिक रूप से जताई असहमति
कलेक्टर को सौंपे गए पत्र में कृषि विभाग के मैदानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि DCS/PV App के माध्यम से फसल गिरदावरी का कार्य करने के संबंध में छत्तीसगढ़ कृषि स्नातक शासकीय कृषि अधिकारी संघ एवं छत्तीसगढ़ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी संघ की ओर से पत्र प्राप्त हुआ है।
इन पत्रों में कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारियों को फसल गिरदावरी के कार्य से अलग रखने का अनुरोध किया गया है। इसी क्रम में जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के कृषि विकास अधिकारियों एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों ने भी संघ की मांग का समर्थन करते हुए DCS/PV App के माध्यम से फसल गिरदावरी का कार्य करने में असमर्थता जताई है।
अधिकारियों ने मामले में आवश्यक कार्रवाई एवं सूचना के लिए अपना पत्र कलेक्टर कार्यालय को सौंप दिया है।
पहले राजस्व अमला, अब कृषि विभाग भी आमने-सामने
खरीफ फसल गिरदावरी को लेकर जिले में मैदानी स्तर पर असहमति का सिलसिला अब और व्यापक होता दिखाई दे रहा है। राजस्व निरीक्षकों और पटवारियों की ओर से आपत्ति सामने आने के बाद अब कृषि विभाग के मैदानी अमले द्वारा भी DCS/PV App से गिरदावरी करने से असहमति जताना प्रशासन के लिए नई चुनौती बन गया है।
गिरदावरी का कार्य किसानों की फसल की वास्तविक स्थिति, फसल के प्रकार, रकबे और राजस्व रिकॉर्ड से सीधे जुड़ा हुआ है। ऐसे में इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया के लिए जिम्मेदार मैदानी अमले की ओर से असहमति सामने आने के बाद गिरदावरी का काम निर्धारित समय-सीमा में किस व्यवस्था के तहत और किस अमले के माध्यम से पूरा कराया जाएगा, इसे लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
डिजिटल गिरदावरी व्यवस्था पर भी उठे सवाल
DCS/PV App के जरिए फसल गिरदावरी और भौतिक सत्यापन की व्यवस्था का उद्देश्य मैदानी जानकारी को डिजिटल माध्यम से दर्ज करना है। लेकिन जिले में अलग-अलग विभागों के मैदानी कर्मचारियों की आपत्ति के बाद अब व्यवस्था के क्रियान्वयन और जिम्मेदारी को लेकर प्रशासनिक स्तर पर स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई है।
कृषि विभाग के अधिकारियों का पत्र सामने आने के बाद यह मामला केवल विभागीय असहमति तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि खरीफ गिरदावरी की पूरी प्रक्रिया को लेकर प्रशासन के सामने व्यावहारिक सवाल खड़े हो गए हैं।
अब शासन-प्रशासन के फैसले पर टिकी नजर
कृषि विभाग के मैदानी अधिकारियों द्वारा कलेक्टर को पत्र सौंपे जाने के बाद अब निगाहें जिला प्रशासन और शासन के अगले कदम पर टिक गई हैं।
क्या कृषि एवं राजस्व विभाग के मैदानी अमले की आपत्तियों को देखते हुए गिरदावरी के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की जाएगी? क्या संबंधित कर्मचारियों की मांगों और आपत्तियों पर शासन स्तर से निर्णय लिया जाएगा? या फिर मौजूदा व्यवस्था के तहत ही गिरदावरी का कार्य आगे बढ़ाया जाएगा—इन सवालों का जवाब आने वाले दिनों में सामने आएगा।
फिलहाल मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में खरीफ फसल गिरदावरी को लेकर प्रशासनिक चुनौती लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है। राजस्व अमले के बाद कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारियों की असहमति ने मामले को और गंभीर बना दिया है। अब यह देखना अहम होगा कि शासन और जिला प्रशासन इस गतिरोध को किस तरह दूर करता है और किसानों से जुड़ी गिरदावरी प्रक्रिया को किस व्यवस्था के तहत पूरा कराया जाता है।

0 टिप्पणियाँ