वनांचल मोहला स्थित शासकीय पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास में शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को छात्र संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह एवं नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मोहला-मानपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक इन्द्रशाह मंडावी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने छात्र संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पद एवं दायित्वों के निर्वहन की शपथ दिलाई और विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता छात्रावास के वरिष्ठ एवं भूतपूर्व अध्यक्ष सुनील रावटे ने की। समारोह में शिक्षकों, सामाजिक प्रतिनिधियों, छात्रावास के पूर्व विद्यार्थियों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अतिथियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र संघ के नए नेतृत्व को जिम्मेदारी सौंपने के साथ नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करना और उन्हें छात्रावास की शैक्षणिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराना रहा।
विधायक इन्द्रशाह मंडावी ने दिलाई छात्र संघ पदाधिकारियों को शपथ
समारोह के मुख्य अतिथि विधायक इन्द्रशाह मंडावी ने छात्र संघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष दयाशंकर सिन्हा, उपाध्यक्ष अमन कोडोपी और सचिव डालेश्वर भुआर्य सहित अन्य पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन व्यक्ति के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। इसी अवधि में भविष्य की दिशा तय होती है और व्यक्तित्व का निर्माण होता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपने समय का सदुपयोग करने, पढ़ाई के प्रति गंभीर रहने और निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरी निष्ठा से प्रयास करने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने गांवों की समस्याओं और आवश्यकताओं के प्रति भी जागरूक रहना चाहिए। गांवों की समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के माध्यम से आवश्यक पहल करने की दिशा में भी विद्यार्थियों को अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
विद्यार्थी जीवन एकाग्रता और सफलता की नींव : भानुप्रताप रावटे
कार्यक्रम में शिक्षक भानुप्रताप रावटे ने विद्यार्थी जीवन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए एकाग्रता, अनुशासन और निरंतर अध्ययन को सफलता का आधार बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं को पहचानने, ज्ञान अर्जित करने और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए स्वयं को तैयार करने की प्रेरणा दी।
केवल सरकारी नौकरी नहीं, अपनी रुचि और कौशल के अनुसार बनाएं भविष्य : सुनील रावटे
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे छात्रावास के वरिष्ठ एवं भूतपूर्व अध्यक्ष सुनील रावटे ने कहा कि पढ़ाई का एकमात्र उद्देश्य सरकारी नौकरी प्राप्त करना नहीं होना चाहिए। विद्यार्थियों को अपनी रुचि, कौशल और क्षमता के अनुरूप विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जीवन में कोई भी बड़ी उपलब्धि आसानी से प्राप्त नहीं होती। सफलता के लिए कठिन परिश्रम, त्याग, ईमानदारी और निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। यदि व्यक्ति पूरी नेकनीयती और लक्ष्य के प्रति समर्पण के साथ मेहनत करता है, तो वह निश्चित रूप से अपने जीवन में बेहतर उपलब्धियां हासिल कर सकता है।
कठिन परिश्रम, त्याग और समर्पण से मिलती है सफलता : तुलाराम सिन्हा
प्रचालक तुलाराम सिन्हा ने विद्यार्थियों को जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए मेहनत और समर्पण का महत्व समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों को कठिन परिस्थितियों से विचलित हुए बिना अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने तथा शिक्षा के साथ अपने व्यक्तित्व और व्यवहार को भी बेहतर बनाने की प्रेरणा दी।
चुनौतियां और संघर्ष व्यक्तित्व को निखारते हैं : सतीश उइके
सर्व आदिवासी समाज के युवाध्यक्ष, छात्रावास के पूर्व विद्यार्थी एवं शिक्षक सतीश उइके ने छात्रावास जीवन के महत्व, उद्देश्यों तथा छात्रावास के इतिहास और विरासत से जुड़ी प्रेरणास्पद जानकारियां साझा कीं। उन्होंने विद्यार्थियों से छात्रावास में बिताए जाने वाले प्रत्येक पल का सदुपयोग करने और अनुशासन, परिश्रम तथा समर्पण के साथ अपना भविष्य संवारने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल करने से पहले अनेक कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। जिस प्रकार सोना विभिन्न प्रक्रियाओं से गुजरकर कुंदन बनता है, उसी प्रकार संघर्ष, चुनौतियां और अभाव व्यक्ति के व्यक्तित्व को निखारते हैं तथा उसे अधिक परिपक्व बनाते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि कठिनाइयों से घबराने के बजाय उनसे सीखना चाहिए और अपने लक्ष्य की दिशा में निरंतर आगे बढ़ते रहना चाहिए। माता-पिता, परिवार, समुदाय और गुरुजनों का मार्गदर्शन जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। विद्यार्थियों को इस मार्गदर्शन का सम्मान करते हुए अपने भविष्य के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।
प्रभावशाली मंच संचालन ने बांधा समां
समारोह का मंच संचालन वरिष्ठ छात्र हेमदास मंडावी ने किया। अपने प्रभावशाली शब्द चयन, ओजपूर्ण वाणी और लयबद्ध प्रस्तुति से उन्होंने कार्यक्रम को आकर्षक बनाया। कार्यक्रम के विभिन्न पड़ावों को सहजता से जोड़ते हुए उन्होंने अतिथियों और विद्यार्थियों को प्रभावित किया।
छात्रावास से जुड़े विद्यार्थियों की आवश्यकताओं एवं समस्याओं के समाधान में भी हेमदास मंडावी की सक्रिय सहभागिता का उल्लेख किया गया। उनकी नेतृत्व क्षमता, सहयोग की भावना और समर्पण को विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी बताया गया।
बड़ी संख्या में विद्यार्थी और अतिथि हुए शामिल
कार्यक्रम में छात्रावास अधीक्षक गौतम दुफारे सहित मोहला क्षेत्र के विभिन्न छात्रावासों के विद्यार्थी उपस्थित रहे। समारोह में शिक्षक भानुप्रताप रावटे, सर्व आदिवासी समाज के युवाध्यक्ष सतीश उइके, प्रचालक तुलाराम सिन्हा, सुनील रावटे, चुमेश्वर उर्वशा, पुनमसाय पुरामें, हेमदास मंडावी, खेमलाल नेताम, शान्तानू रावटे, सतीश दर्रो, कन्हैया कोठारी, संदीप बोगा, यशपाल सिन्हा, हिमांशु मांझी, डीगेश्वर कोठारी, टुमन लाल बढ़ाई, रूपेश भुआर्य, आकाश पुरामें, तरुण कोलियारे, रितेश सलाम, गोविंद हारमें, मुनेश्वर बोगा, अरविंद यादव, विनय कुरसामे, भुनेश हिडामे, हेमराज सलामे, कमलेश उइके, जितेंद्र कोरेटी, हेमलाल मंडावी एवं मानिक गांवरे सहित अन्य अतिथिगण मौजूद रहे।
समारोह ने जहां नवनिर्वाचित छात्र संघ पदाधिकारियों को अपने दायित्वों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया, वहीं नवप्रवेशित विद्यार्थियों को छात्रावास की परंपराओं से जुड़कर शिक्षा, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दी।सुझाव: प्रकाशन से पहले छात्र संघ के सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के नाम और पदों की सूची की पुष्टि कर लें, क्योंकि उपलब्ध जानकारी में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव के नाम ही स्पष्ट रूप से दिए गए हैं।
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