
ककईपार में बच्चों के चेहरों पर खिली मुस्कान, स्कूल बैग से लेकर कॉपी-पेंसिल तक की सामग्री देकर शिक्षा के प्रति किया प्रेरित
NBP NEWS | मोहला, 18 अक्टूबर 2026।
15 अक्टूबर को शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नन्हे बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि विकसित करने के उद्देश्य से शासकीय हाईस्कूल ककईपार के सहायक शिक्षक (विज्ञान) धर्मेंद्र कुमार कौशिक ने सराहनीय पहल की। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र ‘A’, ककईपार के 15 बच्चों को शैक्षणिक सामग्री वितरित कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ने और उज्ज्वल भविष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस पहल के तहत बच्चों को स्कूल बैग, कॉपी, पहाड़ा, कम्पास बॉक्स, पेंसिल, रबर, कटर और चॉकलेट प्रदान की गई। शैक्षणिक सामग्री पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह देखने को मिला। नवरात्रि के अवसर पर की गई इस पहल ने बच्चों के लिए त्योहार की खुशियों को और भी खास बना दिया।
शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाने का संदेश
शिक्षक धर्मेंद्र कुमार कौशिक ने बच्चों को नियमित रूप से शिक्षण गतिविधियों में भाग लेने, पढ़ाई के प्रति रुचि विकसित करने और मन लगाकर अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। उनका उद्देश्य प्रारंभिक स्तर से ही बच्चों में शिक्षा के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना और उन्हें सीखने के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना है।
शिक्षा के क्षेत्र में इस तरह के छोटे लेकिन सार्थक प्रयास बच्चों के मन में पढ़ाई के प्रति उत्साह जगाने के साथ उनके शैक्षणिक विकास को भी प्रोत्साहित करते हैं।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने जताया आभार
कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चम्पीबाई एवं सहायिका नीरा बाई भंडारी ने शिक्षक धर्मेंद्र कुमार कौशिक की इस पहल की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने जैसे प्रयास उनमें पढ़ाई के प्रति रुचि और उत्साह बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अधिकारियों के मार्गदर्शन में शिक्षा के प्रति सकारात्मक पहल
इस सराहनीय प्रयास को जिला शिक्षा अधिकारी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी पी.एल. साहू, विकासखंड शिक्षा अधिकारी मोहला राजेन्द्र कुमार देवांगन, संस्था के प्राचार्य राजकुमार देवांगन तथा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शेरपार के व्याख्याता संजय देवांगन का विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित यह शैक्षणिक सामग्री वितरण कार्यक्रम शिक्षा, संवेदनशीलता और सामाजिक सरोकार का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया। शिक्षक धर्मेंद्र कुमार कौशिक की इस पहल ने यह संदेश दिया कि बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए किए गए छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव की नींव रख सकते हैं।
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